उत्तर प्रदेश में योगी सरकार सामूहिक विवाह योजना चला रही है. इस योजना का लाभ लेने के लिए शर्त यह है कि वर देशभर में कहीं का भी हो, लेकिन वधू UP से ही होनी चाहिए. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के कार्यक्रम के लिए वधू को यूपी की मूल निवासी होने का ब्योरा वेबसाइट पर भरना होगा, जिसके बाद आवेदन का विकल्प खुलेगा.
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना दो लाख रुपये तक सालाना आय सीमा वाले परिवारों के लिए है. इस योजना के तहत लड़की के बैंक खाते में 35 हजार रुपये भेजे जाते हैं, जबकि 10 हजार रुपये के गिफ्ट और सामग्री शादी के दिन दी जाती है. प्रति जोड़ा 6 हजार रुपये आयोजन पर खर्च होते हैं. इसी तरह प्रति जोड़ा कुल 51 हज़ार रुपया खर्च होते हैं.
इस बार विभाग के पोर्टल पर 28 अगस्त तक आवेदन लिए जा रहे हैं, जिसमें शर्त यह है कि वधू यानी कन्या UP की निवासी होनी चाहिए. इसके लिए वधू को cmsvy.upsdc.gov.in पर जाकर अपनी उम्र और निवास प्रमाण पत्र के लिए आधार कार्ड अपलोड करना होगा. इसके बाद ही आवेदन का विकल्प खुलेगा.
एक लाख 10 हजार लोगों की शादी का प्रस्ताव
इस साल एक लाख दस हजार जोड़ों की शादी का प्रस्ताव रखा गया है, जिसके लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इससे पहले ऑफलाइन मोड़ में आवेदन लिए गए थे, जिसके बाद कई फर्जीवाड़े भी सामने आए थे. वहीं इस बार ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं. इस साल सरकार नवरात्र के अवसर पर कई सामूहिक विवाह होने हैं. इसको लेकर समाज कल्याण विभाग ने दिशा-निर्देश वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं, ताकि किसी प्रकार का कोई फर्जीवाड़ा न हो पाए.