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'मुसलमान ताकतें सड़क पर उतरने को तैयार, Waqf Bill वापस लिया जाए तो बेहतर', बोले अलीगढ़ के मुफ्ती मोहम्मद अकबर कासमी

अलीगढ़ के मुफ्ती ने कहा कि इस वक्फ बिल के जरिए मुसलमानों के मजहबी अधिकार को छीनने की कोशिश की जा रही है. ऐसे में मुसलमान सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करेंगे, ये विरोध प्रदर्शन वैसे ही होगा जैसे आजादी के टाइम मुसलमानों ने सड़कों पर उतरकर किया था.

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जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के अलीगढ़ महानगर अध्यक्ष का बयान
जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के अलीगढ़ महानगर अध्यक्ष का बयान

वक्फ बिल को लेकर यूपी के अलीगढ़ में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के महानगर अध्यक्ष मुफ्ती मोहम्मद अकबर कासमी ने बयान दिया है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि इस बिल के जरिए मुसलमानों के मजहबी अधिकार को छीनने की कोशिश की जा रही है. ऐसे में मुसलमान सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करेंगे, ये विरोध प्रदर्शन वैसे ही होगा जैसे आजादी के टाइम मुसलमानों ने सड़कों पर उतरकर किया था. सरकार को ये नहीं होने देना चाहिए. 

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मुफ्ती मोहम्मद अकबर कासमी ने आगे कहा कि वक्फ बिल पास हो गया है, कोई बात नहीं है, अब कानून के तहत हमें जो इजाजत है वो हम करेंगे. अपनी आवाज को अदालत तक पहुंचाएंगे. लड़ाई हम जारी रखेंगे और लड़ते रहेंगे. अपनी आवाज को हम संविधान के तहत ऊपर तक पहुंचाएंगे. हमारी कोशिश रहेगी कि किसी भी तरीके से इस बिल को वापस लिया जाए. क्योंकि, जिस बिल से मुस्लिम आक्रोश में है, मुसलमान ताकतें सड़कों पर उतरने को तैयार हैं, वो बिल वापस ले लिया जाए तो ही ज्यादा बेहतर होगा. 

अलीगढ़ के मुफ्ती ने कहा कि जिस बिल के जरिए समाज में बिगाड़ पैदा हो, जिसके जरिए आपस में विवाद पैदा हो उसे वापस ले लेना चाहिए. कहीं ऐसा ना हो जाए कि यह विवाद लड़ाई में बदल जाए और यह लड़ाई एक बड़ी शक्ल अख्तियार कर ले. रुझान इस वक्त यही है कि सब लोग सड़कों पर उतरने को तैयार हैं. मुसलमान को इस तरह से परेशान किया गया तो हालात कुछ और हो सकते हैं, जिसकी आशंका भी जताई जा रही है.  

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बकौल मुफ्ती- हिंदुस्तान गंगा जमुनी तहजीब वाला मुल्क है. वक्फ बिल से इस तहजीब के खराब होने का अंदेशा है. इसलिए मैं आखिरी दम तक इसके खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा और कानून के तहत अपने लोगों से भी यह कहूंगा कि आप इस लड़ाई को अपनी तरफ से जारी रखें. आजादी के टाइम मुसलमानों ने सड़कों पर उतरकर मुल्क को आजाद कराया था, वैसे ही सड़कों पर उतरने को मजबूर किया जा रहा है. 

वहीं, दारा शिकोह फाउंडेशन के अध्यक्ष आमिर रशिद ने वक्फ बिल का खुलकर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि देखिए जिस तरीके से वक्फ संशोधन बिल संसद में पास हुआ, वो मुसलमानों के विकास के लिए नया रास्ता लेकर आ रहा है. अब जल्द ही राष्ट्रपति की संस्तुति के बाद ये बिल कानून बन जाएगा. कानून बनने के बाद जो गरीब पसमांदा मुसलमान हैं उनके विकास का रास्ता खुलेगा. बिल में साफ तौर पर लिखा है कि जो वक्फ की संपत्तियां हैं उससे गरीब मुस्लिम बच्चों को छात्रवृत्ति मिलेगी, विधवा महिला को पेंशन मिलेगी, स्कूल, मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे. अभी तक वक्फ प्रॉपर्टी पर कुछ लोगों का कब्जा था, सरकार गलत तरीके से हथिया ली गई उस प्रॉपर्टी को उनसे छीनकर विकास के लिए यूज करेगी. इसलिए सरकार का यह कदम बहुत ही स्वागत योग्य है और हम मोदी जी का तहे दिल से स्वागत करते हैं.  

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