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बसंत पंचमी (14 फरवरी) के मौके पर यूपी के बुलंदशहर की रहने वाली शाहाना ने सनातन धर्म अपना लिया. शाहाना ने बरेली निवासी ओमप्रकाश के साथ शादी कर मुस्लिम धर्म को त्याग दिया. शाहाना ने बताया कि पूर्व पति से तीन तलाक मिलने के बाद उसे हलाला के लिए लगातार परेशान किया जा रहा था. वह मानसिक तनाव से जूझ रही थी. इसी दौरान उसकी मुलाकात ओमप्रकाश से हो गई. धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई और अब उन्होंने शादी कर ली है.
शाहाना ने बताया कि मेरी मुलाकात 2 वर्ष पहले ओमप्रकाश से हुई थी. ये मुलाकात धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई. फिर दोस्ती कब प्यार में बदल गई पता नहीं चला. जिसके बाद मैंने इस्लाम धर्म को छोड़ने का मन बना लिया. अब दोनों ने साथ जीने और मरने की कसम खाई है.
बीते दिन बसंत पंचमी के मुहूर्त पर शाहाना ने ओमप्रकाश से शादी कर सनातन धर्म को अपना लिया. शाहाना ने थाना इज्जत नगर क्षेत्र के भीटा नाथ मंदिर में ओमप्रकाश संग शादी रचाई है. बकौल शाहाना उसने 'घर वापसी'की है. दोनों की शादी की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें शाहाना लाल जोड़े में नजर आ रही है. वहीं, ओमप्रकाश शेरवानी में दिखाई दे रहा है.
शहाना ने अपना नाम रखा शारदा
मीडिया से बातचीत करते हुए शाहाना ने बताया कि अब वो शारदा के नाम से जानी जाएगी. शाहाना ने कहा कि मैंने अपना धर्म और नाम दोनों को ही बदल लिया है. तीन तलाक और हलाला की प्रथा से परेशान होकर उसने ये कदम उठाया है. किसी जोर-दबाव में शादी नहीं की है. मैं ओमप्रकाश से प्रेम करती हूं.
अपनी मर्जी से शादी की है: शाहाना
शाहाना ने कहा- मैं बुलंदशहर की रहने वाली हूं. शादी करने के लिए बरेली के थाना इज्जत नगर आई हूं. यहां ओमप्रकाश के साथ अपनी मर्जी से शादी कर रही हूं. अब मेरा नाम शारदा है. करीब 2 साल से ओमप्रकाश को जानती हूं. जब मेरे पति ने मुझे तीन तलाक दिया था तब ओमप्रकाश मुझे मिले थे. पति हलाला के लिए परेशान करते थे. कुछ कमाते भी नहीं थे. उन्होंने तलाक देकर कहा था कि मुझे तुमसे कोई मतलब नहीं है.