उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक किसान को एक करोड़ 60 लाख रुपये टैक्स जमा करने का नोटिस भेज दिया. नोटिस देख किसान के होश उड़ गए. इसके बाद किसान ने मामले की शिकायत अधिकारियों से की, लेकिन इसके बाद भी अफसर किसान पर टैक्स जमा करने का दबाव डालते रहे. किसान पिछले 1 साल से इनकम टैक्स विभाग के चक्कर काट रहा है.
जानकारी के मुताबिक, 23 मार्च 2022 को किसान के पास आयकर विभाग से एक नोटिस आया था. नोटिस में उस पर एक करोड़ 60 लाख का आयकर बकाया बताया गया था. इसके बाद आखिरी नोटिस 9 मार्च 2023 को मिला. इस 1 साल के बीच किसान के पास नोटिस आते रहे, वहीं आयकर विभाग के लोग भी किसान के घर पहुंचकर उस टैक्स जमा करने का दबाव बनाते रहे.
जिले के फलौदा गांव निवासी उपदेश त्यागी नाम के किसान के पास 23 मार्च 2022 को आयकर विभाग से एक नोटिस आया था, जिसमें बताया गया था कि कोटक महिंद्रा बैंक में किसान के खाते से 4 करोड़ 6 लाख की ट्रांजेक्शन हुई है. इसके चलते किसान पर एक करोड़ 60 लाख रुपये का इनकम टैक्स बकाया है.
नोटिस देख उड़े किसान के होश, घर पहुंची टीम
नोटिस देख किसान उपदेश त्यागी के होश उड़ गए. इसके बाद आखिरी नोटिस 9 मार्च 2023 को किसान के पास आया. इस एक साल के बीच किसान को कई नोटिस मिल चुके हैं, साथ ही आयकर विभाग की टीम भी कई बार किसान के घर पहुंची.
लगातार 1 साल से आयकर अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहे किसान उपदेश त्यागी का कहना है कि खाते से लेनदेन की मुझे कोई जानकारी नहीं है. जब इनकम टैक्स का नोटिस आया, तब पता चला कि मेरे नाम से किसी कोटक महिंद्रा बैंक में खाता है, उसमें 4 करोड़ 6 लाख रुपये की ट्रांजेक्शन हुई है. मुझ पर 1 करोड़ 7 लाख रुपये का टैक्स बकाया होने की बात कही गई. नोटिस के बाद से परेशान हो गया हूं.
किसान बोला- वकील से बात कराई, फिर भी नहीं माने अफसर
किसान ने कहा कि मैंने अपने वकील कौशिक जी से बात कराई, लेकिन उनसे बात करने के बाद भी वे संतुष्ट नहीं हुए और अधिकारी कहने लगे कि देखिये इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं. या तो इसका पोर्टल पर जवाब दो, नहीं तो इसे जमा करो.
किसान उपदेश ने कहा कि मैं खेती करता हूं. 2-3 गाड़ियों से अधिकारी मेरे घर आए. उन्होंने मेरे मकान आदि की भी जांच की और कहा कि टैक्स जमा कराइए, ये तो जमा करना पड़ेगा. ये एक फोर्जरी है. मुझे इसकी पूरी जानकारी भी नहीं है. इसमें जिसने गलती की है, उसकी जांच हो और उसे सुधारा जाए.
मामले को लेकर क्या बोले आयकर विभाग के अधिकारी?
इस मामले में मुजफ्फरनगर के आयकर अधिकारी रजनीश रस्तोगी का कहना है कि इस केस में बैंक के द्वारा पैन कार्ड की गलत इनफॉर्मेशन ऑनलाइन अपलोड की गई थी, जो पैन था, वह अभिषेक नाम के व्यक्ति का है. इसके चलते उपदेश त्यागी के अगेंस्ट इस साल की प्रोसेसिंग क्लोज हो गई है. अब जब केस खुलेगा तो जिनके नाम का पैन नंबर था, उनके अगेंस्ट में प्रोसेसिंग होगी. बैंक के द्वारा गलती तो हुई है. जो इन्फॉर्मेशन अपलोड की गई है, अब उसमें सुधार हो गया है. उन्हें बता भी दिया गया है.