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बिरयानी-ईटन ही नहीं... नफीस अहमद की एक ये भी पहचान, अतीक कनेक्शन से पहले ऐसा था दामन

प्रयागराज के अटाला में मजीदिया इस्लामिया इंटर कॉलेज में पढ़ाई की शुरुआत करने वाले नफीस अहमद ने 12वीं का एग्जाम भी यहीं से पास किया था. उसे क्रिकेट का बहुत शौक था. लिहाजा क्रिकेट की प्रैक्टिस पर भी बहुत ध्यान देता था. यही वजह की कि क्रिकेट में उसने प्रयागराज में अच्छी पहचान बनाई. 

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अतीक अहमद के करीबी नफीस बिरयानी की हार्ट अटैक से मौत. (फाइल फोटो)
अतीक अहमद के करीबी नफीस बिरयानी की हार्ट अटैक से मौत. (फाइल फोटो)

यूपी के प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद की हत्या के बाद अब उसके सबसे बड़े फाइनेंसर नफीस बिरयानी की हार्ट अटैक से मौत हो गई है. वो उमेश पाल हत्याकांड के बाद से जेल में बंद था. नफीस बिरयानी, नफीस ईटन के साथ ही कभी नफीस अहमद को नफीस क्रिकेटर के नाम से जाना जाता था. उसने प्रयागराज के मजीदिया इस्लामिया इंटर कॉलेज से 12वीं तक की पढ़ाई की थी. 

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उसे कभी नफीस विकेटकीपर और क्रिकेटर के नाम से भी जाना जाता था. वो राइट हैंड बैट्समैन और विकेटकीपिंग करता था. अतीक और अशरफ से जुड़ने से पहले उसका दामन साफ हुआ करता था. उसके पुराने जानने वाले उसकी अच्छाइयों के बारे में आज भी चर्चा करते हैं. इन लोगों का कहना है कि वो बहुत मिलनसार आदमी हुआ करता था.

वीनू मांकड़ और सीके नायडू स्कूली क्रिकेट खेला

प्रयागराज के अटाला में मजीदिया इस्लामिया इंटर कॉलेज में पढ़ाई की शुरुआत करने वाले नफीस अहमद ने 12वीं का एग्जाम भी यहीं से पास किया था. उसे क्रिकेट का बहुत शौक था. लिहाजा क्रिकेट की प्रैक्टिस पर भी बहुत ध्यान देता था. यही वजह की क्रिकेट में उसने प्रयागराज में अच्छी पहचान बनाई. 

अच्छे खेल की वजह से उसे नवीं और दसवीं में वीनू मांकड़ फिर 11वीं और 12वीं में सीके नायडू स्कूली क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेने का मौका मिला था. वो गली क्रिकेट टूर्नामेंट में भी भाग लिया करता था. प्रयागराज में होने वाले कैनवास बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट में अच्छा परफॉर्मेंस किया करता था.

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नगर निगम के कर्मचारी रह चुके हैं उसके पिता

मगर, 12वीं के बाद पढ़ाई बंद कर दी थी. उसके पिता नगर निगम के कर्मचारी रह चुके हैं. उसके तीन भाई हैं. इसमें से एक बच्चों को पढ़ाते हैं. दूसरे एक प्राइवेट जॉब करते हैं. नफीस की दो बेटियां हैं. 

नफीस पर सीएए-एनआरसी प्रदर्शन में अपनी दुकान से बिरयानी पहुंचाने का आरोप लगा. उसने अपने बिरयानी बनाने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर भेजकर बिरयानी बनवाई. यही वजह मानी जाती है कि नफीस बिरयानी की पहली दुकान को वहां से हटा दिया गया.

जब से नफीस बिरयानी ने प्रयागराज के सिविल लाइंस में अपनी बिरयानी की दुकान आश्रम के सहयोग से खोली, तब से वो तरक्की करता गया. फिर अपनी नई दुकानों को ईटन बिरयानी के नाम से चलाया. इसमें पार्टनर के रूप में कई बड़े नाम शामिल हो गए, इसमें अतीक अहमद के भाई अशरफ का भी नाम शामिल है.

उमेश पाल मर्डर केस में आया नफीस का नाम 

24 फरवरी 2023 को प्रयागराज के धूमनगूंज इलाके में उमेश पाल की सरेआम गोली और बम मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मर्डर में जिस गाड़ी इस्तेमाल किया गया, वो क्रेटा कार नफीस की थी. इसमें अतीक अहमद के लड़के असद के साथ कई शूटर बैठकर आए थे. 

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इस मामले में नफीस का कहना था गाड़ी किसी को बेच चुका था. मगर, पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि मर्डर से पहले गाड़ी बेची गई थी. यानी उमेश पाल मर्डर केस में नफीस बिरयानी भी आरोपी है. इस केस के बाद से फरार नफीस बिरयानी को पुलिस ने एनकाउंटर में पकड़ा था.
 

नफीस बिरयानी की हार्ट अटैक से हुई मौत

गौरतलब है कि नैनी सेंट्रल जेल में रविवार को नफीस बिरयानी के सीने में दर्द हुआ. इसके बाद सेंट्रल जेल पुलिस ने स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल में शिफ्ट किया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. 

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