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हाथरस में 123 लोगों की मौत के बाद कासगंज छोड़कर ग्वालियर आश्रम शिफ्ट हुआ नारायण साकार हरि

हाथरस में सत्संग के बाद मची भगदड़ में 123 लोगों की मौत के बाद भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि ने यूपी छोड़ दिया है. अब वो कासगंज आश्रम की जगह ग्वालियर में रहेंगे. कार्यक्रम के दौरान हादसे को लेकर भोले बाबा ने कहा था, 2 जुलाई को हुई घटना से परेशान हूं, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है. जो आया है, उसे जाना ही है, भले ही आगे पीछे हो.

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 नारायण साकार हरि ने यूपी छोड़ा
नारायण साकार हरि ने यूपी छोड़ा

यूपी के कासगंज में सत्संग के बाद मची भगदड़ में 123 लोगों की मौत के बाद अब भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि ने कासगंज आश्रम छोड़ दिया है. 2 जुलाई को हुए इस हादसे के बाद अब वो ग्वालियर स्थित आश्रम में रहने चले गए हैं.

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रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को कासगंज में दिन भर रुकने के बाद भोले बाबा अपने वकील एपी सिंह के साथ ग्वालियर निकल गए. इस फैसले के पीछे कासगंज में उनकी मौजूदगी की वजह भक्तों की भीड़  को बताया जा रहा है. कासगंज के स्थानीय सेवादारों का कहना है बाबा ग्वालियर स्थित आश्रम चले गए हैं.

जो इस धरती पर आया है, उसे जाना ही है: भोले बाबा

बता दें कि हाथरस में कार्यक्रम के बाद मची भगदड़ में इतने लोगों के मारे जाने के बाद नारायण साकार हरि का असंवेदनशील बयान सामने आया था. उसने कहा था कि वो इस घटना के बाद से बहुत परेशान चल रहे हैं. लेकिन होनी को कोई नहीं टाल सकता. जो इस धरती पर आया है, उसे जाना ही है. 

भोले बाबा ने कहा, ''2 जुलाई को हुई घटना से परेशान हूं, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है. जो आया है, उसे जाना ही है, भले ही आगे पीछे हो.''  भोले बाबा ने अपने वकील एसपी सिंह के उस दावे को सच बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सत्संग में जहरीले स्प्रे का छिड़काव किया गया था. इस वजह से वहां भगदड़ मची और लोग मारे गए. 

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बाबा ने कहा, ''प्रत्यक्षदर्शियों ने विषैले स्प्रे के बारे बताया है. वो सत्य है. कोई न कोई साजिश हुई है. लोग बदनाम करने में लगे हुए हैं. लेकिन हमें इस मामले की जांच कर रही एसआईटी पर भरोसा है.


 

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