उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस ने एक बड़े साइबर क्राइम गैंग का पर्दाफाश किया है, जो भारतीय नागरिकों को फर्जी रूप से डिजिटल अरेस्ट दिखाकर करोड़ों की ठगी कर रहा था. पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान मोहन सिंह उर्फ रॉकी, संयम जैन और अरमान के तौर पर हुई है.
गिरफ्तारी नोएडा के सेक्टर-45 स्थित एक होटल से की गई, जहां ये ठग ठहरे हुए थे. पुलिस ने इनके पास से कई मोबाइल फोन, कूटरचित आधार कार्ड, बैंक की चेकबुक, डेबिट/क्रेडिट कार्ड और नगदी बरामद हुए.
साइबर गैंग के तीन सदस्य गिरफ्तार
गैंग के सदस्य गेमिंग और ट्रेडिंग ऐप के जरिए लोगों को ठगते थे. वो पीड़ितों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराते और फिर उनसे पैसे ऐंठते थे. इसके अलावा, ये लोग अवैध लेन-देन के लिए अन्य लोगों के बैंक खाते इस्तेमाल करते थे.
पूछाताछ में मुख्य आरोपी मोहन सिंह उर्फ रॉकी ने बताया कि वो पहले दिल्ली-एनसीआर में टैक्सी चलाता था. बाद में वह राजन नाम के शख्स के संपर्क में आया और साइबर ठगी का धंधा शुरू कर दिया.
डिजिट अरेस्ट कर लोगों से करते थे ठगी
इसके अलावा उसने पुलिस को बताया कि वह कर्नाटक, महाराष्ट्र, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में करोड़ों की साइबर धोखाधड़ी कर चुका है. पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क की जांच कर रही है.