नोएडा के सेक्टर-58 पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्लॉट हड़पने वाले गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की है. पुलिस ने इस गैंग के सरगना राकेश बिष्ट समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपी खुद को सरकारी अधिकारी बताकर खाली प्लॉटों पर कब्जा करते और फिर नकली दस्तावेज तैयार कर उन्हें बेचने की योजना बनाते थे.
इस बार आरोपियों ने सेक्टर-55 में स्थित करोड़ों रुपये के 375 मीटर के प्लॉट को निशाना बनाया. असली मालिक, जो 84 वर्षीय बुजुर्ग हैं, जब उन्हें शक हुआ तो उन्होंने सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोगों को उनके प्लॉट का ताला तोड़ते हुए देखा.
फर्जी दस्तावेजों से प्लॉट हड़पने की कोशिश
गिरोह के सरगना राकेश बिष्ट ने अपने साथी देवाशीष के साथ मिलकर इस जमीन को हड़पने की योजना बनाई थी. पहले केदारनाथ राय के नाम से ऑनलाइन एक खोई हुई वस्तु की रिपोर्ट (LAR) दर्ज करवाई गई, फिर MSME के तहत एक फर्जी फर्म रजिस्टर कर बैंक खाता खुलवाया गया. इसके बाद अथॉरिटी से असली दस्तावेज निकलवाकर फर्जी सेल डीड तैयार की गई.
मुख्य सरगना समेत 9 आरोपी गिरफ्तार
आरोपियों ने इस प्लॉट पर 3.21 करोड़ रुपये का लोन लेने के लिए एक फाइनेंस कंपनी में आवेदन किया. लेकिन जब कंपनी की टीम जांच करने पहुंची, तो असली मालिक को शक हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल, सभी को जेल भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है.