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नोएडा में फिर हंगामा, पुलिस ने खाली करवाया दलित प्रेरणा स्थल, हिरासत में कई किसान

राकेश टिकैत ने प्रशासन को चेतावनी दी कि वह दो घंटे में नोएडा आएंगे और जहां भी गिरफ्तार नेताओं को रखा गया है, वहीं पर मीटिंग करेंगे. इन घटनाओं के चलते नोएडा में फिर से बड़े आंदोलन के आसार दिखाई दे रहे हैं और किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है. इन घटनाक्रमों ने एक बार फिर जमीन के अधिकार और मुआवजे के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है.

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पुलिस ने किसानों को दलित प्रेरणा स्थल से हटाया. (PTI)
पुलिस ने किसानों को दलित प्रेरणा स्थल से हटाया. (PTI)

नोएडा में एक बार फिर किसानों की अधिग्रहित जमीन पर मुआवजे को लेकर आंदोलन गर्माता जा रहा है. किसानों ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के तहत आने वाले गांवों के लिए मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर 2 दिसंबर को बड़ा प्रदर्शन किया. इन किसानों ने दिल्ली मार्च करने की कोशिश की थी, जिसे नोएडा में दलित प्रेरणा स्थल पर अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद स्थगित कर दिया गया था. प्रदर्शनकारियों को दलित प्रेरण स्थल पर शांति से धरना देनी की अनुमति दी गई थी.

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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को एक बयान में दावा किया कि जिन नेताओं ने इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया था और अधिकारियों से संवाद किया था, उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. टिकैत ने फेसबुक लाइव के माध्यम से कहा कि सरकार किसानों के अधिकारों को कुचलना चाहती है और आंदोलन को देश के खिलाफ बताती है. उन्होंने आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लिया और कहा कि किसानों की आवाज नहीं दबाई जा सकती, एक बड़ा संघर्ष देश में होगा.

राकेश टिकैत ने प्रशासन को चेतावनी दी कि वह दो घंटे में नोएडा आएंगे और जहां भी गिरफ्तार नेताओं को रखा गया है, वहीं पर मीटिंग करेंगे. इन घटनाओं के चलते नोएडा में फिर से बड़े आंदोलन के आसार दिखाई दे रहे हैं और किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है. इन घटनाक्रमों ने एक बार फिर जमीन के अधिकार और मुआवजे के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है.

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किसानों को बसों में भरकर ले गई पुलिस

पुलिस ने दलित प्रेरणा स्थल में धरने पर बैठे 100 से अधिक किसानों को मंगलवार को हिरासत में ले लिया और बसों में भरकर वहां से दूसरी जगह ले गए. किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें परेशान कर रही है. वहीं, दोपहर होते-होते दलित प्रेरणा स्थल पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई. फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किसानों को कहां लेकर जाया गया है. 
बता दें कि किसान संसद का घेराव करने के लिए दिल्ली कूच करना चाह रहे थे. 

पुलिस ने किसानों को किसी तरह मनाकर तीनों प्राधिकरणों के अधिकारियों से बातचीत करवाया. प्राधिकरण के अधिकारियों ने किसानों से एक हफ्ते का समय मांगा और उन्हें आश्वसन दिया कि उनकी मांगों को उत्तर प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी के सामने रखा जाएगा. इसके बाद किसानों ने नोएडा एक्सप्रेसवे खाली कर दिया था और दलित प्रेरण स्थल में शिफ्ट हो गए थे. हालांकि, मंगलवार को किसानों को हिरासत में लेकर प्रेरणा स्थल खाली करवा लिया गया.

बीकेयू ने सिसौली में बुलाई आपात बैठक

भारतीय किसान यूनियन ने सभी किसानों से एकजुट होने की अपील की है. बीकेयू की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'आप सभी को अवगत कराया जाता है कि उत्तर प्रदेश के जनपद गौतम बुद्ध नगर में भूमि अधिग्रहण के विषय पर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनल तले आंदोलन कर रहे किसानों को पुलिस प्रशासन के द्वारा दलित प्रेरणा स्थल से अनुचित तरीके से गिरफ्तार कर लिया गया है.

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बीकेयू ने कहा है कि यह तानाशाही किसान की आवाज को नहीं दबा सकती. गौतम बुद्ध नगर के इस आंदोलन के संबंध में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय कार्यालय, किसान भवन सिसौली में आपातकालीन पंचायत की जा रही है. इस पंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत उपस्थित रहेंगे. आप सभी 4 बजे किसान भवन सिसौली, मुजफ्फरनगर पहुंचने का कष्ट करें.

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