यूपी सरकार में नए नवेले मंत्री बने ओम प्रकाश राजभर अपने पीला गमछा और गब्बर वाले बयान को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन जब इसी को लेकर एक पत्रकार ने उनसे सवाल पूछ लिया तो राजभर भड़क गए और उसे अखिलेश यादव का एजेंट बता दिया.
दरअसल ओम प्रकाश राजभर ने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद एक कार्यक्रम के दौरान कहा था, 'मैं कहता हूं किसी थाने पर जाओ, लेकिन सफेद गमछा मत लगाओ. हमारा पीला गमछा लगाओ. पीला गमछा लगाकर जब थाने पर जाओगे तब तुम्हारी शक्ल में दरोगा को राजभर (ओम प्रकाश) दिखेगा. जाकर बता देना कि मंत्री जी ने भेजा है. उन्होंने आगे कहा, दरोगा, DM, SP में पावर नहीं है कि फोन लगाकर पूछे कि मंत्री ने लोगों को भेजा है या नहीं. शोले में एक गब्बर सिंह था, तो मुझे भी गब्बर समझ लो.
उनके इसी बयान को लेकर जब एक पत्रकार ने ओम प्रकाश राजभर से सवाल पूछा तो वो भड़क उठे और कहने लगे, 'आप समाजवादी पार्टी के एजेंट बनकर आए हो और जो सवाल समाजवादी पार्टी द्वारा दिया गया है वही पूछ रहे हो.' सवाल ही पूछना है तो शिक्षा पर पूछो, समाज में असमानता है उस पर पूछो, अखिलेश यादव ने कह दिया तो वो सवाल जरूर करोगे.
राजभर ने समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि गरीबों की सेवा के लिए उनके मन में उत्साह है. सदियों से गुंडागर्दी के दम पर समाजवादी पार्टी की सरकार में गरीबों के मनोबल को दबाया गया था, उनका मनोबल बढ़ाने के लिए हम पूर्वांचल की भाषा मे उनको बोलते हैं, उसको आप दूसरी भाषा मे समझते हैं जबकि हमारी भाषा दूसरी होती है, वो खलनायक की भूमिका नहीं थी वो हीरो की भूमिका थी. शोले फ़िल्म में हीरो कौन था, खलनायक उसको बोलेंगे ?
आगे उन्होंने कहा, जब आपके ऊपर आफत आती है तो सरकार याद आती है, पिछली सरकार में कमजोर लोगों, शोषितों, वंचितों पर जो गुंडागर्दी हुई उससे निपटने के लिए ही न ये सरकार लामबंद हुई है, तो इसमें सरकार के साथ खड़े हैं तो क्या दिक्कत है?
बता दें कि आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर ओम प्रकाश राजभर ने घोषी लोकसभा सीट से अपने बेटे अरविंद राजभर को प्रत्याशी घोषित किया और कहा कि हमारे पार्टी के चुनाव चिन्ह पर ही वो चुनाव लड़ेंगे.