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'अखिलेश यादव के घर में आधे शूद्र, आधे क्षत्रिय...', बोले ओमप्रकाश राजभर

एक कार्यक्रम में यूपी के मऊ पहुंचे ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर जुबानी तीर चलाए. कहा कि अखिलेश पहले ये तय कर लें कि वो शूद्र हैं या नहीं. अखिलेश के घर में आधे क्षत्रिय हैं और आधे शूद्र. वो बिना बुद्धि की राजनीति कर रहे हैं. आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी राजभर ने सपा प्रमुख पर निशाना साधा.

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अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर. (फाइल फोटो)
अखिलेश यादव और ओमप्रकाश राजभर. (फाइल फोटो)

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने शुक्रवार को सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा. कहा कि अखिलेश के घर में आधे लोग शूद्र और आधे क्षत्रिय हैं. इसके साथ ही उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी अखिलेश पर तंज कसा. कहा कि तमिलनाडु, बंगाल और दिल्ली से गठबंधन करके उत्तर प्रदेश के मऊ में एक भी वोट नहीं मिलने वाला है.

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बिना बुद्धि की राजनीति कर रहे हैं अखिलेश- राजभर

गौरतलब है कि ओमप्रकाश राजभर एक कार्यक्रम में मऊ पहुंचे थे. यहां उन्होंने अखिलेश यादव पर जमकर जुबानी तीर चलाए. कहा कि अखिलेश यादव पहले ये तय कर लें कि वो शूद्र हैं कि नहीं. अखिलेश के घर में आधे क्षत्रिय हैं और आधे शूद्र हैं. वो बिना बुद्धि की राजनीति कर रहे हैं.

'ममता और केजरीवाल आकर मऊ में कितना वोट दिलाएंगे'

राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में केसीआर कितना वोट आकर दिलाएंगे. ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल आकर मऊ में कितना वोट दिलाएंगे. यहां वोट दिला सकते हैं तो बिहार के सीएम नीतीश कुमार. आप कांग्रेस से समझौता करते. नीतीश और मायावती से समझौता करते, तब जाकर ताकत दिखती. केसीआर के आने से एक भी वोट नहीं मिलेगा. 

'... उतनी भीड़ कोई जुटा ले तो राजनीति छोड़ दूंगा'

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महिला आरक्षण के सवाल पर राजभर ने कहा कि हमसे ज्यादा महिला आरक्षण की लड़ाई कोई लड़ेगा क्या. जितनी भीड़ मऊ में महिलाओं की जुटाई थी, उतनी भीड़ कोई जुटा ले तो राजनीति छोड़ दूंगा. महिलाओं को घर से निकालने के लिए बहुत हाथ-पैर जोड़ना पड़ता है और कहना पड़ता है कि यह लड़ाई आप ही की है. 

'सरकार मजबूत तरीके से गला दबा रही है तो चिल्ला क्यों रहे'

बिना नाम लिए राजभर ने कहा कि बहुमत की सरकार रहेगी तो मजबूती से गला दबाएगी और सरकार कमजोर होगी तो कमजोरी से दबाएगी. अब ये सरकार मजबूत तरीके से गला दबा रही है तो चिल्ला क्यों रहे हैं. अगर अक्ल है तो हमारी बात सुनें और समझें. जो पीड़ित हैं, वो इकट्ठा हों.

 

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