उत्तर प्रदेश के इटावा लॉयन सफारी पार्क में 25 दिन पहले जन्मे तीन शावकों में से एक की मंगलवार को मौत हो गई. सफारी पार्क के अधिकारी का कहना है कि शावक के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई-बरेली भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि बाकी दो शावक दूध पी रहे हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं.
लॉयन सफारी पार्क के उप निदेशक डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि 1 जून को शेरनी नीरजा ने तीन शावकों को जन्म दिया था. शेरनी अपने एक शावक को दूध नहीं पिला रही थी और उसे खिलाने का काम सफारी के कर्मचारियों पर छोड़ रही थी. शावक 21 जून से कम दूध पी रहा था और उसके स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही थी.
ये भी पढ़ें- चीतों के इकलौते घर कूनो नेशनल पार्क में मना Mother's day, शावकों को दुलारते नजर आईं मांएं
दूध पिलाने गया तो शावक मृत पाया
पशु चिकित्सकों ने शावक की जांच कर रही थी और लगातार निगरानी रख रही थी. मगर, मंगलवार की सुबह जब रखवाला शावक को दूध पिलाने गया, तो उसने उसे मृत पाया. लायन सफारी पार्क के एक अधिकारी ने बताया कि शावक के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई-बरेली भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि बाकी दो शावक दूध पी रहे हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं.
5 शावकों में से चार की मौत
बता दें कि पिछले साल भी जुलाई में इटावा की लॉयन सफारी में शावकों की मौत हो गई थी. शेरनी सोना ने 5 शावकों को जन्म दिया था, जिसमें से चार की मौत हो गई. सफारी के उपनिदेशक जयप्रकाश सिंह का कहना था कि शावक को पेट फूलने और सांस लेने की समस्या हो रही थी. इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर 12 बजे उसकी मौत हो गई. इसका कारण सांस रुकना पाया गया है.
अखिलेश यादव ने प्रशासन पर खड़े किए थे सवाल
उधर, 11 जुलाई को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शावकों की मौत की घटना पर ट्वीट कर सफारी के प्रशासन पर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने कहा था, "इटावा लॉइन सफारी में तीन शावकों की दुखद मौत की जिम्मेदारी तत्काल निर्धारित हो. अनुभवहीन, अदक्ष नेतृत्व को बदला जाए. गर्भावस्था की पूर्व सूचना के बाद भी देखरेख में लापरवाही बरती गई. न तो प्रक्रिया का पालन किया गया, न IVRI बरेली और CZA को बताकर पोस्टमार्टम किया गया".