उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी गठबंधन से अलग होकर अपना दल (कमेरावादी) को लगातार बैकफुट पर आना पड़ रहा है. पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने चुनाव लड़ने के लिए अपना सिंबल नहीं दिया और अब 'लिफाफा' सिंबल भी कोर्ट ने मना कर दिया. ऐसे में अब मुश्किलों का सामना इस चुनाव में PDM यानी पिछड़ा दलित मुस्लिम को उठाना पड़ेगा.
जानकारी के मुताबिक, अपना दल (कमेरावादी) की पल्लवी पटेल ने समाजवादी पार्टी से अलग होकर PDA के सामने PDM तैयार किया था जिसमें ओवैसी के साथ यूपी में नया मोर्चा PDM यानी पिछड़ा दलित मुस्लिम नाम से तैयार किया, जिसमें पहले AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अपना सिंबल देने से मना कर दिया यानी अब PDM से उतरा हुआ प्रत्याशी ओवैसी की 'पतंग' के सिंबल पर नहीं लड़ सकता.
इसके बाद दूसरा बड़ा झटका चुनाव चिन्ह को लेकर लगा, जिसमें अपना दल कमेरावादी के चुनाव चिन्ह को निर्वाचन आयोग ने वार्षिक आय व्यय का ब्यौरा न देने के कारण आयोग 'लिफाफा' सिंबल आवंटित ही नहीं किया. हालांकि अपना दल कमेरावादी इसके लिए कोर्ट पहुंच गई थी, लेकिन वहां पर भी उसकी याचिका खारिज हो गई. अब चुनाव में उतरे प्रत्याशियों के सामने सिंबल को लेकर भी असमंजस बना हुआ है. हालांकि पीडीएम लगातार अपने प्रत्याशियों की लिस्ट जारी कर रहा है और हाल ही में बरेली के प्रत्याशी ने लिफाफा को लेकर अपना नामांकन फाइल किया था, जोकि कैंसिल हो गया और अब वह फ्री सिंबल के लिए प्रयास कर रहे हैं.
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पल्लवी पटेल की मुश्किलें बढ़ीं
इससे पहले पल्लवी पटेल द्वारा PDM में पल्लवी ने दो चरणों की नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद 13 अप्रैल सात सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए. इनमें बरेली, हाथरस, फिरोजाबाद, रायबरेली, फतेहपुर, चंदौली शामिल हैं. बरेली के प्रत्याशी रियासत यार खां का पर्चा शुक्रवार को सिंबल न मिल पाने की वजह से कैंसिल हो गया. अब ऐसे में पार्टी को हर सीट के लिए चुनाव चिन्ह की मांग करनी पड़ेगी. जहां पर 'लिफाफा' चुनाव चिन्ह जारी नहीं हुआ होगा वहां पर वह दूसरी चुनाव चिन्ह के जरिए लड़ाना होगा. उससे अब पार्टी की ओर मुश्किलें बढ़ गई हैं. जहां एक ओर AIMIM ने अपने सिंबल पर प्रत्याशी नहीं उतारे हैं. उसका भी खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ेगा, वहीं दूसरी ओर चुनाव सिंबल न मिल पाने से भी पार्टी को नई मुश्किलों का समाना करना पड़ रहा है.
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पल्लवी पटेल ने इस पर क्या कहा?
अपना दल कमेरावादी की नेता पल्लवी पटेल के मुताबिक, उन्हें चुनावी सिंबल 'लिफाफा' नहीं मिल पाया है क्योंकि उनकी नेशनल पार्टी नहीं थी और कुछ डॉक्यूमेंट इश्यूज भी थे. हालांकि जहां पर 'लिफाफा' जारी नहीं किया होगा, वहां पर हमको मिल जाएगा और इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी के प्रत्याशी नहीं उतर रहे हैं. उन्होंने अपने प्रत्याशी पीडीएम के माध्यम से उतारने की बात कही है तो हम लोग साथ में और पिछला दलित और मुस्लिम मिलकर चुनाव लड़ेंगे.