अपना दल (कमेरावादी) की नेता और उत्तर प्रदेश की सिराथू सीट से विधायक पल्लवी पटेल ने अपना धरना खत्म कर लिया है. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के पहुंचने और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद पल्लवी ने सोमवार रात अपना धरना खत्म कर लिया.
बता दें कि पल्लवी पटेल उत्तर प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ताओं की नियुक्ति में घोटाला और घूसखोरी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रही थीं. इस मांग के साथ ही वह यूपी विधान भवन में स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गई थीं.
आरोप- पदोन्नति देकर ही भर लिए पद
अपना दल (कमेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल ने नियुक्तियों में घूसखोरी का आरोप लगाया है. उनका आरोप है कि AICTE के नियम के तहत खुली भर्ती से प्रवक्ताओं की नियुक्ति होनी थी, लेकिन विभाग ने पदोन्नति देकर ही भर्ती कर ली. प्रदेश भर में 250 प्रवक्ताओं को पदोन्नति देकर अलग-अलग पॉलिटेक्निक कॉलेज में विभागाध्यक्ष बना दिया गया.
2022 में मंत्री के तौर पर संभाली थी कमान
इस मामले पर जब यूपी सरकार के मंत्री और अपना दल (सोनेलाल) के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा,'हमने 2022 में मंत्री के तौर पर इस विभाग का दायित्व संभाला. AICT का वेतन मान जो डिग्री सेक्टर में पहले से लागू था, डिप्लोमा सेक्टर में लागू करने का काम किया. लेकिन अभी तक जो विभागीय चयन है, इसकी नियमावली अंडर प्रिपरेशन है.'
CBI जांच करा ली जाए, सब सामने आ जाएगा
उन्होंने आगे कहा,'मैंने विभाग के मुखिया के तौर पर फैसला लिया. अपने फैसले पर कायम हूं, जिसको आपत्ति है वह जांच करा ले. मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया के जरिए निवेदन किया है कि इस पूरे प्रकरण की CBI जांच कराकर दूध का दूध और पानी का पानी कर लिया जाए. मैंने जितने निर्णय लिए उन सबकी जांच होनी चाहिए. मैंने जबसे विभाग की कमान संभाली है, तबसे नकल के रैकेट को ध्वस्त कर दिया है.'
'कहां से ऑपरेट हो रही हैं बताने की बात नहीं'
पल्लवी पटेल पर निशाना साधते हुए आशीष ने कहा,'पल्लवी पटेल कहां से ऑपरेट हो रही हैं, ये बताने की बात नहीं है. जो लोग टाइमिंग चुनकर ऑपरेट होते हैं, उनके बारे में दुनिया जानती है.'