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लखनऊ के गोमती नगर छेड़खानी कांड में आरोपी पवन यादव को जमानत मिल गई. जेल से बाहर आने के बाद पवन ने सपा सुप्रीमो अखिलेश से मुलाकात की और खुद को निर्दोष बताया. उसने कहा कि यादव होने की वजह से उसे फंसाया गया. वहीं, अखिलेश ने कहा कि पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रही है. लेकिन इस पूरे मुद्दे पर लखनऊ पुलिस का कहना है कि आरोपी पवन को न क्लीनचिट दी गई है और न कोर्ट ने उसे आरोपमुक्त किया है.
दरअसल, गोमती नगर में 31 जुलाई को बारिश के दौरान एक लड़की से छेड़खानी का वीडियो वायरल हुआ था. इस मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. पवन यादव को भी इसमें आरोपी बनाया गया है. बीते दिनों उसे जेल भेज दिया गया था. वहीं, गुरुवार (15 अगस्त) को उसे जमानत मिल गई. जेल से बाहर आने के बाद पवन ने अखिलेश यादव से मुलाकात की और खुद को बेकसूर बताते हुए कहा कि उसे फर्जी तरीके से फंसाया गया. वह मौके पर मौजूद ही नहीं था. मेरे नाम में यादव है शायद इसलिए फंसाया गया.
लखनऊ पुलिस का बयान
अब इस मामले में लखनऊ पुलिस ने सोशल मीडिया (एक्स) पर पोस्ट कर बताया कि पवन यादव (पुत्र फूलचंद) के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर विधिपूर्ण कार्यवाही की गई है. जानकारी के अनुसार, आरोपी पवन के खिलाफ स्थानीय स्तर पर तीन अभियोग (मुकदमे) पहले से दर्ज हैं. इसमें चार्जशीट लग चुकी है. फिलहाल, वर्तमान प्रकरण की विवेचना पुलिस द्वारा की जा रही है.
लखनऊ पुलिस ने अपने पोस्ट में आगे लिखा कि साक्ष्य के आधार पर विवेचना का निस्तारण किया जाएगा. अभी न तो आरोपी को पुलिस के द्वारा क्लीन चिट दी गई है और न ही माननीय न्यायालय द्वारा आरोपमुक्त किया गया है.
CM योगी ने सदन में लिया था पवन का नाम
गौरतलब है कि आरोपी पवन यादव का नाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी विधानसभा में भी लिया था. इसको लेकर राजनीति गरमा गई थी. मामले में कई पुलिसवालों पर एक्शन हुआ था. कुछ को सस्पेंड भी किया गया था.
वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बिना नाम लिए सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि वो बेचारा चाय पी रहा था. पुलिस आई गिरफ्तार कर ले गई. जांच होगी तो छूट जाएगा.
अखिलेश यादव ने कहा कि सदन में और भी नाम पढ़े जाने थे. लेकिन पढ़े सिर्फ दो नाम गए. अब वो भी जेल से छूट आया. सोचिए कैसी सरकार है, जो अन्याय कर रही है और लोगों को अपमानित कर रही है.