शारदा और शारदा की सहायक नदियों में जल स्तर बढ़ने से पीलीभीत में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. कलीनगर तहसील और पूरनपुर तहसील के शारदा किनारे बसे गांव जलमग्न हो गए हैं. यहां के पूरनपुर के चंदिया हजारा गांव की तो हालात बहुत खराब है. इस बरसात की सीजन में चंद दिनों में दूसरी बार यहां बाढ़ आई है. कुछ दिन पहले सीएम योगी आदित्यनाथ यहां खुद आए थे. लेकिन उनके जाने के बाद अब यहां के लोगों की कोई सुध नहीं ले रहा है.
बाढ़ के चलते यहां स्थित चंदिया हजारा गांव सबसे ज्यादा प्रभावित है. बाढ़ के चलते गांव की सड़कों, गली, मैदानों पर नाव चल रही हैं. वहीं, कुछ लोग टैक्टर, ट्रॉली के टायरों का ट्यूब निकाल कर उससे एक घर से दूसरे घरों में आ जा रहे हैं. आजतक की टीम यहां सुबह से लेकर शाम तक रुकी. लेकिन गांव की गलियों में कोई भी अधिकारी नजर नहीं आया. टीम ने जब नाव पर बैठकर खुद गांव की हालत जानने का प्रयास किया तो इस दौरान लोगों ने बताया कि अधिकारियों का मैसेज रात में आया था. लोगों ने बताया कि उनके पास कोई साधन नहीं है, इसीलिए वो फंस गए. इसके बाद जब टीम ने गांव के सचिवालय में आराम फरमा रहे क्षेत्र के लेखपाल से बात की तो वह जवाब देने में सहज नहीं दिखे.
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लोगों ने लगाया अधिकारियों पर मदद नहीं करने का आरोप
दावा यह भी किया जा रहा है कि तहसील के अधिकारी यहीं से लेखपाल से मिलकर चले जाते हैं. इसलिए ग्रामीणों में मौजूद अधिकारियों को लेकर नाराजगी भी है. क्योंकि अधिकारियों ने गांव में घूम कर नहीं देखा कि कितने लोग गांव से बाहर निकल गए हैं और कौन-कौन से लोग अभी भी फंसे हुए हैं.
बाढ़ को लेकर चपला नाम की महिला ने बताया पानी आने की सूचना मिल गई थी. लेकिन हम निकल नहीं पाए. अब हमारे पास कोई भी अधिकारी नहीं आ रहा है. हमारे पास खाने-पीने का कोई भी समान नहीं है. यहां रहने वाले एक स्थानीय किसान ने बताया कि गांव में पानी भर गया है. जिससे पूरा राशन खराब हो गया है. लेकिन अधिकारियों की तरफ से उनकी मदद नहीं की गई.
मामले में स्थानीय परमल विश्वास ने बताया की पानी घरों में भर गया है. जिससे पूरा सामान डूब गया है. कुछ दिन पहले बाढ़ आई थी तो योगी जी आकर कह गए थे, उसके बावजूद भी हम लोग को कोई भी राशन नहीं दिया गया और न ही कोई अधिकारी यहां आया.
इधर मामले में ओम प्रकाश चंदिया हजार गांव के लेखपाल ने बताया हमने शनिवार को ही अनाउंसमेंट कर दिया था कि पानी आने वाला है. हमारी तरफ से व्यवस्था भी सारी कर दी गई थी. मदद के लिए ट्रैक्टर ट्रॉलियां भी लोगों को उच्च स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगा दी गई थीं. हमारे क्षेत्र के एक युवक की डूबने से मौत भी हो गई है. मेरे आस-पास के पांच गांव में पानी है, बाकि नदी के उसे पार वाले गांव में पानी भरा हुआ है. हमारी तरफ से लोगों की मदद की जा रही है, लेकिन कुछ लोग घर छोड़कर नहीं जाना चाह रहे हैं.
इस वजह से आई है बाढ़
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के चलते उत्तराखंड के बन बसा बैराज से शारदा नदी में इस सीजन में 4 लाख 61 हजार 548 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. जिसके चलते बीती रात पीलीभीत की कलीनगर तहशील नगर और पूरनपुर तहसील के निचले इलाकों में बसे गांव के हालात खराब हो गए. दो दर्जन से ज्यादा गांव टापू बन गए हैं. साथ ही गांव की गलियां, सड़कों पर नाव से आवागमन हो रहा है. बच्चे ट्यूब में हवा भर के उस पर बैठ कर एक घर से दूसरे घर जा रहे हैं.
फिलहाल हालात बद से बतदर है. ग्रामीणों का कहना है यहां पर अभी तक कोई भी अधिकारी नहीं आया है. वहीं, अधिकारियों ने एक दिन पहले अनाउंसमेंट कर और सोशल मीडिया में पानी आने की सूचना डालकर इतिश्री कर ली. शनिवार को जब गांव में बाढ़ आ गई है तो गांव में कोई अधिकारी नहीं आया. जबकि चंद दिनों पहले आई बाढ़ में खुद योगी आदित्यनाथ मुआवना करने आए थे.