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राजनीतिक दल से जुड़ा है गुड्डू मुस्लिम, सऊदी में बैठे रिश्तेदार कर रहे मदद: सूत्र

Umesh Pal Murder Case का आरोपी गुड्डू मुस्लिम पुलिस की पकड़ से बाहर है. उसको लेकर नए खुलासे हुए हैं. उसके मददगार की तस्वीर भी सामने आई है. पता चला है कि मददगार को गुड्डू ने बम बनाना भी सिखाया था. शाइस्ता, गुड्डू की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.

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गुड्डू मुस्लिम की तलाश में यूपी पुलिस.
गुड्डू मुस्लिम की तलाश में यूपी पुलिस.

उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी गुड्डू मुस्लिम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों का कहना है पुलिस की जांच सामने आया है कि में गुड्डू मुस्लिम एक बड़े राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ है. पुलिस जांच कर रही है कि क्या गुड्डू मुस्लिम की फरारी में कोई राजनीतिक शख्स उसकी मदद कर रहा है. पुलिस को ये भी पता चला है कि गुड्डू मुस्लिम के तीन खास रिश्तेदार सऊदी अरब में भी रहते है. इनमें गुड्डू का भाई मोहम्मद असलम, भांजी साहिबा और भांजा ताबिश शामिल है.

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सूत्रों के मुताबिक फरारी के दौरान जब गुड्डू की लोकेशन ओडिशा की थी जब पुलिस को पता चला था कि गुड्डू के पैसे खत्म हो चुके हैं और वह पैसों के जुगाड़ में लगा है. सऊदी अरब में रहने वाले रिश्तेदार अपने लिंक (जानने वालों) के जरिए गुड्डू के लिए पैसों की व्यवस्था करने में लगे हैं. गुड्डू की तलाश में पुलिस की 5 टीमें लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन गुड्डू पुलिस के हाथ नहीं आ रहा है.

आशिफ उर्फ मल्ली (टीशर्ट में).
आशिफ उर्फ मल्ली (टीशर्ट में).

गुड्डू के इन मददगारों की भी पुलिस को तलाश

वहीं, गुड्डू के दो मददगार आशिफ उर्फ मल्ली और मुकेश की तलाश में यूपी STF लगी हुई है. बताया गया है कि मल्ली बहुत ही खतरनाक बदमाश है और गुड्डू के सबसे ज्यादा करीब है. पुलिस की जांच में सामने आया है कि मल्ली ही गुड्डू की फरारी में मदद कर रहा है. गुड्डू के फरार होने के बाद से मल्ली भी प्रयागराज से गायब है. 

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मल्ली के अलावा पुलिस को मुकेश श्रीवास्तव की भी तलाश है. जांच में सामने आया है कि मुकेश श्रीवास्तव भी आर्थिक तौर पर गुड्डू की मदद कर रहा है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक प्रयागराज के धूमनगंज का रहने वाला आसिफ उर्फ मल्ली माफिया अतीक अहमद के साथ लंबे समय से जुड़ा है और उसके हर अपराध में भागीदार रहा है. 

मल्ली के बरामद हुए थे दो बम

पुलिस के सूत्रों ने बताया कि 3 साल पहले मल्ली को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह एक मकान पर कब्जा करने पहुंचा था. उस समय पुलिस ने मल्ली के पास से दो बम भी बरामद किए थे. मल्ली के खिलाफ भी प्रयागराज में कई मामले दर्ज है. पुलिस के सूत्रों ने बताया कि गुड्डू ने ही मल्ली को बम बनाना सिखाया था.

गुड्डू ने बदला हुलिया: पुलिस

उमेशपाल हत्याकांड का आरोपी बमबाज गुड्डू मुस्लिम 62 दिनों से फरार है. वह पुलिस ने बचने के लिए हुलिया बदलने के साथ ही अपना असली नाम छुपाकर घूम रहा है. आजतक का पता चला है कि वह हिंदू नाम रखकर हर जगह यूपी एसटीएफ को चकमा दे रहा है. वह बबलू के अलावा सुरेंद्र कुमार और संदीप कुमार के नाम से जगह-जगह ठहर रहा है.

इससे पहले पता चला था कि गुड्डू मुस्लिम ने अपनी दाढ़ी बढ़ा ली है. पुलिस को उसकी आखिरी बार लोकेशन ओडिशा और छत्तीसगढ़ में मिली थी. गुड्डू मुस्लिम 2 अप्रैल से 13 अप्रैल तक ओडिशा के बारगढ़ में छिपा था. वह ओडिशा से कपड़ों से भरा अपना बैग फेंककर भागा है. वह अकेला ही ओडिशा में ठहरा था.

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उसके पास पैसे भी नहीं बचे हैं. ऐसे में वह पैसों की जुगाड़ करने में लगा है. पुलिस ने यहां से राजा नाम के युवक को हिरासत में लिया है. उसने पूछताछ में बताया कि गुड्डू ने पुलिस से बचने के लिए दाढ़ी बढ़ा ली है. गुड्डू झांसी, नाशिक , पुणे और ओडिशा में भी रुका था. इसके बाद वह छत्तीसगढ़ भाग गया.

गुड्डू मुस्लिम ने रची थी उमेश पाल हत्याकांड की साजिश

गुड्डू मुस्लिम को जानने वाले दावा करते है कि उमेश पाल को मारने की अतीक के पास कोई वजह नहीं बची थी. असद को भड़काने और इस पूरे हत्याकांड का मास्टरमाइंड अगर कोई रहा तो वह गुड्डू मुस्लिम था, जिसने उमेशपाल की हत्या को लीड किया और ताबड़तोड़ बम फेंक कर दहशत फैला दी और मौत का खुला खेल खेला. सूत्र तो यहां तक दावा करते हैं कि अतीक और उसके भाई अशरफ की जेल में रहते उनका सारा कारोबार गुड्डू मुस्लिम के हाथ में रहता था और इस दौरान उसने कोयला सप्लाई समेत कई धंधों में गुपचुप तौर पर पैसे भी लगाए थे. इस दौरान वह कई ऐसे माफिया के संपर्क में भी रहा, जिसके संबंध अतीक और अशरफ से अच्छे नहीं रहे.

अपने सिंडिकेट का इस्तेमाल कर रहा गुड्डू

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यूपी एसटीएफ की पहली टीम के मेंबर और गुड्डू मुस्लिम से पूछताछ कर चुके पूर्व आईपीएस राजेश पांडे ने बताया कि उमेश की हत्या के बाद फरार होने में गुड्डू ने अतीक के नहीं बल्कि अपने सिंडिकेट का इस्तेमाल किया. गुड्डू मुस्लिम का अपना बड़ा सिंडिकेट है. उसने जिस अपराधी के लिए काम किया, उससे कभी संबंध खराब नहीं किया.

पूर्व आईपीएस राजेश पांडे ने बताया, उसके संपर्क में रहे तमाम लोग आज माननीय हो चुके हैं, ऐसे में गुड्डू मुस्लिम को फरारी काटने के लिए अतीक अहमद सिंडिकेट का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है. उसका अपना सिंडिकेट ही बहुत बड़ा है. उत्तर प्रदेश और राज्य से बाहर के तमाम माफिया उसके सीधे संपर्क में रहे हैं. यही वजह है कि गुड्डू मुस्लिम अब तक फरार है.

ऐसे अतीक के संपर्क में आया था गुड्डू

गोरखपुर में एनडीपीएस में जेल जाने के बाद गुड्डू मुस्लिम अतीक अहमद के संपर्क में आया. गोरखपुर के तत्कालीन एएसपी और मौजूदा समय में यूपी एसटीएफ चीफ अमिताभ यश ने गुड्डू मुस्लिम को जेल भेजा था और सजा भी करवाई थी. लेकिन अतीक अहमद में अपने इलाहाबाद हाई कोर्ट के सिंडिकेट का इस्तेमाल कर गुड्डू मुस्लिम को हाई कोर्ट से रिहा करवाया और तभी से 20 सालों से गुड्डू मुस्लिम अतीक अहमद के लिए काम कर रहा था.

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