उत्तर प्रदेश में गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट ने शनिवार को मुख्तार अंसारी के सांसद भाई अफजाल अंसारी को बैंक से राज्य के मामले में 4 साल की सजा सुनाई है. इसी के साथ यूपी की सियासत की धुरी रहे अंसारी ब्रदर्स की एक पीढ़ी सियासत से बाहर हो गई. हालांकि नई पीढ़ी में मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास अंसारी और भतीजा मन्नू अंसारी विधायक हैं, लेकिन सिर्फ मन्नू अंसारी ही जेल से बाहर है. अब्बास अंसारी कासगंज जेल में बंद है. वही मुख्तार अंसारी को 4 मामलों में सजा हो चुकी है, वहीं 23 मामले विचाराधीन हैं.
गाजीपुर की कोर्ट में मुख्तार अंसारी को 10 साल की सजा के साथ ही पांच लाख रुपये का जुर्माना और सांसद अफजाल अंसारी को 4 साल की सजा और 1 लाख रुपये के जुर्माने का ऐलान किया गया. सजा का ऐलान होते ही अफजाल अंसारी को गाजीपुर जेल भेज दिया गया. इसी के साथ अफजाल की सांसदी चली गई. अफजाल अंसारी की सांसदी जाते ही गाजीपुर, मऊ, वाराणसी समेत समूचे पूर्वांचल की राजनीति में दखल रखने वाले मुख्तार अंसारी के परिवार की एक पीढ़ी की सियासत पर विराम लग गया.
पूरे परिवार पर दर्ज हैं 97 मुकदमें
उत्तर प्रदेश की सियासत हो या फिर जरायम की दुनिया, मुख्तार अंसारी और उसके परिवार का सिक्का हमेशा चलता रहा है. मुख्तार अंसारी के पूरे परिवार पर अब तक 97 मुकदमे दर्ज हैं. अकेले मुख्तार अंसारी पर हत्या के 8 मुकदमे समेत 61 मामले दर्ज हैं. मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी पर 7 मुकदमे हैं.
यह भी पढ़ेंः गैंगस्टर केस में मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी को चार साल की सजा, सांसदी जाना तय
वहीं भाई सिगबतुल्लाह अंसारी पर 3 मुकदमे दर्ज हैं. मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशां अंसारी पर 11 केस हैं. इसके अलावा बेटे अब्बास अंसारी पर 8 मुकदमे दर्ज हैं. छोटे बेटे उमर अंसारी पर 6 केस हैं. मुख्तार अंसारी की बहू और अब्बास अंसारी की पत्नी निखत पर एक केस दर्ज है.
मुख्तार अंसारी पर दर्ज 61 मुकदमों में अभी 23 मुकदमे विचाराधीन हैं, जिनमें से 9 मामलों में मुख्तार अंसारी पर आरोप तय हो चुके हैं. बहस गवाही के बाद फैसला आना बाकी है.
चार मामलों में मुख्तार अंसारी को सुनाई जा चुकी है सजा
मुख्तार अंसारी को 22 सितंबर 2022 से 29 अप्रैल 2023 के बीच 4 मामलों में सजा हो चुकी है. सबसे पहले सजा का ऐलान 22 सितंबर 2022 को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने किया था. इसमें मुख्तार अंसारी को लखनऊ में तैनात रहे जेलर के साथ जेल में मारपीट करने और धमकाने के मामले में 7 साल की सजा हुई थी. इसके अगले ही दिन 23 सितंबर को हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच में जस्टिस डीके सिंह की बेंच ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में मुख्तार अंसारी को 5 साल की सजा सुनाई थी.
पहले भी गैंगस्टर एक्ट के तहत सुनाई जा चुकी है सजा
इसके अलावा गाजीपुर में एडिशनल एसपी रहे उदय शंकर जायसवाल को जान से मारने की नीयत से हमला किया गया था. इस मामले में 15 दिसंबर 2022 को गाजीपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुख्तार अंसारी और उसके साथी भीम सिंह को 10 साल की सजा सुनाई थी. अब चौथा मामला गैंगस्टर एक्ट का ही था, जिसमें मुख्तार अंसारी और उसके भाई अफजाल अंसारी को कोर्ट ने 10 साल और 4 साल की सजा सुनाई है.
एडीजी प्रॉसीक्यूशन बोले- 12 साल बाद तय हो सके हैं आरोप
एडीजी प्रॉसीक्यूशन आशुतोष पांडे का कहना है कि बड़े माफिया अदालती सिस्टम को भी हाईजैक कर लेते हैं, जिसकी वजह से उन पर वर्षों तक आरोप तय नहीं हो पाते. मुख्तार अंसारी पर बीते 4 साल में जिन 9 मुकदमों में आरोप तय हुए हैं, वह 12 साल बाद हो पाया है. अभियोजन विभाग अभियान चलाकर मुख्तार अंसारी समेत अन्य माफियाओं के खिलाफ आरोप तय करवा रहा है.