सपा विधायक पूजा पाल शनिवार को उमेश पाल के परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचीं. इस दौरान उमेश की पत्नी जया पाल से उनकी बहस हो गई. बहस के दौरान अतीक अहमद से नजदीकी की भी बातें की जा रही थीं. अब तक मिली जानकारी के अनुसार, पूजा पाल और उमेश पाल के बीच राजू पाल हत्याकांड के आरोपी अतीक अहमद को लेकर किसी मुद्दे पर विवाद हो गया था. उसी बात को लेकर पूजा उमेश पाल की पत्नी से सिर पर हाथ रखकर कसम खाने की बात कह रही थीं.
गौरतलब है कि राजू पाल हत्याकांड में उमेश पाल मुख्य गवाह जरूर था लेकिन उसने अतीक अहमद के पक्ष में गवाही दी थी. हालांकि, उमेश पाल ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि अतीक अहमद ने उसका अपहरण कर जबरन अपने पक्ष में गवाही करवाई. अतीक अहमद के पक्ष में गवाही देने पर ही उमेश पाल और पूजा पाल के बीच मनमुटाव होने की बात कही जा रही है.
इस घटना के बाद अब मुझे भी डर है
परिवार से मिलने के बाद राजू पाल की पत्नी एवं सपा विधायक पूजा पाल ने कहा, "इस घटना के बाद अब मुझे भी डर है. हमारा मुकदमा भी ट्रायल पर है. अगर ऐसी घटना होगी तो कौन गवाही देगा, मेरे तो गवाह बहुत गरीब और आम लोग हैं."
अतीक के लोग यहां उठेंगे-बैठेंगे तो दिक्कत होगी
उधर, उमेश पाल के परिवार से हुई बहस पर पूजा पाल ने कहा कि बहस की बात नहीं है, पर जब कुछ गलत देखा जाएगा तो बोला जाएगा. कुछ हमको देखने को मिला तो खराब लगा. अगर अतीक के लोग यहां उठेंगे-बैठेंगे तो दिक्कत वाली बात है ही.
पूजा पाल और जया पाल के बीच बहस का VIDEO..
घात लगाकर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग
गौरतलब है कि उमेश पाल की हत्या उस वक्त की गई जब वो कोर्ट में सुनवाई के बाद अपने घर लौट रहे थे. गाड़ी से उतरते ही घात लगाकर बैठे बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. उमेश पाल पर हमला करने के लिए बाइक और कार के साथ-साथ बदमाश पैदल भी आए थे, जो सड़क के दूसरी ओर खड़े थे.
घटना को लेकर चश्मदीद की जुबानी
घटना के एक चश्मदीद ने बताया कि हमले में उमेश पाल को गोली लग गई, जिसके बाद वो अपने घर की तरफ भागे. इस पर बदमाशों ने तंग गली में घुसकर फायरिंग की. उमेश पाल का गनर संदीप निषाद भी घायल होने के बाद गली में भागा, जिसको निशाना बनाते हुए बदमाशों ने गली में बम मार दिया. संदीप घायल अवस्था में घर के बाहर गिर पड़ा. इस पूरी वारदात को महज 44 सेकंड के अंदर अंजाम दिया गया.
बदमाशों के पास था हथियारों का जखीरा
बताया जा रहा है कि बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने के लिए 3 गाड़ियों का इस्तेमाल किया था. इसमें दो बाइक और एक सफेद रंग की क्रेटा कार थी. बदमाशों के पास हथियारों का जखीरा था. इसमें चार पिस्टल एक राइफल थी. इन्हीं से उमेश पाल और उनके गनर पर फायरिंग की गई. वहीं, एक बदमाश बैग से बम निकालकर मार रहा था.
इन असलहों से फायरिंग की गई
अभी तक की जांच और घटनास्थल से मिले डिजिटल एविडेंस से पता चला है कि बदमाशों ने करीब 14 राउंड फायरिंग की थी. ये फायरिंग .765 बोर और .32 बोर के असलहों से की गई. इस सनसनीखेज वारदात को लेकर प्रयागराज पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने बताया है कि उमेश पाल और एक सुरक्षाकर्मी की मौत हुई है. दूसरे सुरक्षाकर्मी का इलाज चल रहा है, उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.
उन्होंने बताया कि इस घटना के संबंध में शनिवार सुबह उमेश पाल की पत्नी जया पाल के द्वारा केस पंजीकृत कराया गया है. इसमें माफिया अतीक अहमद, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, अतीक का भाई अशरफ और उसके दो बेटों को नामजद किया गया है. इसके साथ ही अतीक अहमद के दो अन्य साथियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है.
शर्मा ने बताया कि इस केस में प्रयागराज पुलिस की 10 टीमें आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही हैं. कहा कि, "मैं पुलिस कमिश्नर के तौर पर यहां की जनता को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस जघन्य कांड में जो भी माफिया और उसके साथी शामिल हैं, उनके खिलाफ पुलिस की कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जो कि भविष्य के लिए नजीर होगी."
2006 में हुआ था उमेश पाल का अपहरण
बता दें कि अतीक अहमद और उमेश पाल सिंह की अदावत काफी पुरानी थी. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 25 जनवरी 2005 को बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में मुख्य गवाह रहे उमेश पाल का साल 2006 में अतीक अहमद ने अपहरण करवा लिया था. उमेश पाल का अपहरण करवा कर राजू पाल हत्याकांड में अतीक अहमद ने अपने पक्ष में गवाही करवा ली थी.
अतीक अहमद के खिलाफ दर्ज करवाया था केस
उमेश पाल ने इसी मामले में अतीक अहमद के खिलाफ केस दर्ज करवाया था. 24 फरवरी को इसी मामले में बहस के लिए उमेश पाल कोर्ट गया था. कोर्ट से निकलने के बाद उमेश पाल अपने भतीजे की क्रेटा कार से घर वापस आ रहे थे. बदमाशों ने कोर्ट से उसका पीछा किया था और गाड़ी से उतरते ही घर के सामने गोली मारकर उमेश पाल की हत्या कर दी.