यूपी के प्रयागराज में 24 फरवरी को हुए उमेश पाल हत्याकांड में अब तक कई खुलासे हो चुके हैं. आरोपी माफिया अतीक अहमद और अन्य के खिलाफ यूपी पुलिस तेजी से कार्रवाई करने में जुटी हुई है. वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं. इसी क्रम में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जो कि उमेश पाल के खिलाफ माफिया अतीक अहमद के मंसूबों की तस्दीक करता है.
ये बात सामने आई है कि अतीक अहमद साल 2018 से ही उमेश पाल की हत्या की प्लानिंग कर रहा था. उस समय वो यूपी की देवरिया जेल में बंद था. इसी दौरान उसके खिलाफ जैद खालिद पुत्र अब्दुल खालिद ने अपहरण के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. इसमें उमेश पाल की हत्या कराए जाने का भी जिक्र किया था. एफआईआर के मुताबिक, अतीक ने कहा था कि उमेश उसे सजा करवाना चाहता है. इसलिए उसकी हत्या कुछ इस तरह होगी, जिसकी खबरें 15 दिन नेशनल टीवी पर चलेंगी.
मोहम्मद जैद खालिद ने लगाए थे ये आरोप
घटना साल 2018 के नवंबर महीने की है. तब मोहम्मद जैद खालिद पुत्र अब्दुल खालिद निवासी धूमनगंज प्रयागराज द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी. इसमें कहा गया था कि सुबह करीब 7 बजे इमरान (अतीक अहमद का साढू), सद्दाम, हमदान, फैसल, उसैद आदि ने उसकी कार के आगे अपनी गाड़ियां लगा दीं. इसके बाद कार से घसीटकर असलहे सटाते हुए कहा कि तुम सभी को अभी देवरिया जेल चलना है.
इस पर जैद द्वारा सवाल किया गया कि वहां जाकर क्या करना है. इतना सुनते ही दबंगों ने असलहे की बट से मारते हुए कहा कि फरहान भाई ने भेजा है और कहा है कि बता देना कि सांसद जी (अतीक अहमद) ने कहा है. फिर कहा कि ज्यादा बोलोगे तो यहीं गोली मार देंगे. इसके बाद उन लोगों ने जबरन कार में बैठा लिया और सोने का ब्रेसलेट व 80 हजार रुपये छीन लिए. मारपीट करने के साथ ही हम लोगों को जेल ले गए.
शिकायत के मुताबिक, "जेल में जैद को देखते ही गालियां देते हुए अतीक अहमद ने कहा कि विश्नापुरी वाली जमीन भूल जा और चुपचाप उसका बैनाम कर दे. इस पर जैद ने सवाल किया तो अतीक अहमद और उसके लोग पीटने लगे. इस दौरान अतीक अहमद ने उमेश पाल को गालियां देते हुए कहा कि वो सजा करवाना चाहता है. उमेश को जिस दिन मरवाऊंगा, 15 दिन नेशनल टीवी पर खबरें चलेंगी. उसकी मुखबिरी तू करेगा नहीं तो तुझे भी उसके साथ ही जान से मारा जाएगा".
धूमनगंज इलाके में की गई थी उमेश की हत्या
गौरतलब है कि 24 फरवरी को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी. इस शूटआउट में उमेश पाल के साथ ही उनकी सुरक्षा में तैनात दो सरकारी गनर संदीप निषाद और राघवेंद्र भी मारे गए थे. पुलिस ने उमेश की पत्नी जया पाल की शिकायत पर अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, उसकी पत्नी शाइस्ता, असद समेत दो बेटे व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की.
मामले में सामने आ रहा एक सफेदपोश का नाम
अब इस मामले में एक सफेदपोश यानी किसी बड़े नेता का नाम भी सामने आ रहा है. सूत्रों के मुताबिक, एक बड़ा नेता एसटीएफ की रडार पर है, जिसके संपर्क में माफिया अतीक अहमद था. उधर, दो शूटरों के एनकाउंटर के बाद माफिया मदद की भीख मांग रहा है. एसटीएफ को प्रयागराज से जुड़े 3 नेताओं पर शक है और रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.
5 राज्यों के 15 जिलों में आरोपियों को तलाश रही पुलिस
बेशक ये बात साफ नहीं हुई है कि अतीक अहमद ने वो कॉल किसको की थी और अतीक की गुहार को सुनने वाला वो सियासतदां कौन है. मगर, बात तो अब बढ़ ही गई है. जाहिर है कि यूपी एसटीएफ को अब अतीक के रहनुमा की तलाश है. उधर, यूपी पुलिस देश में 5 राज्यों के 15 जिलों में हत्याकांड में शामिल शूटर्स की तलाश में दिन-रात एक किए हुए है.