प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा को संबोधित किया. उन्होंने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया. पीएम मोदी ने कहा,'इमरजेंसी की बात पर कहते हैं ये पुरानी बात हो गई. आपके पाप पुराने हो जाते हैं क्या. जयप्रकाश नारायण की तबीयत इतनी खराब हो गई कि वह फिर उठ नहीं पाए. ये बहुत सी पार्टियां जो उनके साथ बैठी हैं, इनकी भी अपनी मजबूरियां होंगी.'
प्रधानमंत्री ने कहा,'बहुत सी पार्टियां जो इनके साथ बैठी हैं, अल्पसंख्यक हितैषी होने का दावा करती हैं. इमरजेंसी के दौरान तुर्कमान गेट और मुजफ्फरनगर में क्या हुआ था, बोलने की हिम्मत कर पाएंगे क्या. ये लोग कांग्रेस को क्लीन चिट दे रहे हैं. कई पार्टियां जिन्होंने इमरजेंसी के दौरान धीरे-धीरे जमीन बनाई, वो आज कांग्रेस के साथ हैं. ये कांग्रेस परजीवी हैं. देश की जनता ने आज भी इनको स्वीकार नहीं किया है. वे देश की जनता का विश्वास हासिल नहीं कर पाए, जोड़ तोड़ कर बचने का रास्ता खोज रहे हैं. फेक नैरेटिव, फेक वीडियो के जरिए देश को भ्रमित करने की इनकी आदत है.'
'पहले पूछ रहे थे कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे'
पीएम ने आगे कहा,'ये उच्च सदन है. यहां विकास के विजन पर चर्चा स्वाभाविक है. ये कांग्रेस वाले बेशर्मी के साथ भ्रष्टाचारी बचाओ आंदोलन चलाने लगे. पहले हमसे पूछ रहे थे कि कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हो. अब जेल जा रहे हैं तो साथ तस्वीरें दिखा रहे हैं. यहां जांच एजेंसियों पर सवाल उठाए गए हैं. घोटाला करे AAP, आप की शिकायत करे कांग्रेस और कार्रवाई हो तो मोदी दोषी. अब ये लोग साथी बन गए हैं.'
'तब इनको बड़ी प्यारी लगती थी ईडी'
प्रधानमंत्री ने आगे कहा,'कांग्रेस अब ये बताए कि जो प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सबूत बताए थे, क्या वे सबूत झूठे थे. ये ऐसे लोग हैं जिनका दोहरा रवैया है. देश को ये बार-बार याद दिलाना चाहता हूं कि कैसा दोगलापन चल रहा है. ये लोग दिल्ली में एक मंच पर बैठ करके भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए रैलियां करते हैं. इनके ही शहजादे केरल में अपने ही एक सहयोगी के मुख्यमंत्री को जेल भेजने की बात करते हैं. इसमें भी दोगलापन. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री के साथ शराब घोटाला जुड़ा, यही AAP वाले ईडी से जेल भेजने की मांग करते थे. तब इनको ईडी बड़ी प्यारी लगती थी.'