प्रयागराज महाकुंभ को लेकर रेलवे हाई अलर्ट मोड पर है. भारी भीड़ से निपटने के लिए हर इंतजाम किए गए हैं. महाकुंभ के आखिरी दौर में महाशिवरात्रि के स्नान पर होने वाली ट्रेनों में भीड़ को कंट्रोल करने के लिए आरपीएफ, जीआरपी, लोकल पुलिस के साथ-साथ आरपीएफ की कमांडो टीम भी मोर्चा संभालेगी.
दरअसल, महाकुंभ अब अपने आखिरी दौर की तरफ बढ़ रहा है. अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं जब विश्व का यह सबसे बड़ा मेला समाप्त हो जाएगा. महाकुंभ में आखिरी अमृत स्नान महाशिवरात्रि का है जो 26 फरवरी को होगा. यूं तो महाकुंभ में स्नान करने जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार संगम नगरी पहुंच रही है. वीकेंड और महाशिवरात्रि के दिन प्रयागराज में एक बार फिर भारी भीड़ जुटने की उम्मीद जताई जा रही है. इसको लेकर एक तरफ जहां प्रयागराज में तैयारी चुस्त दुरुस्त है, वहीं भारतीय रेलवे भी हाई अलर्ट मोड पर है. ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर होने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ अब आरपीएफ की कमांडो टीम को भी तैनात किया गया है.
आपको बता दें कि यूपी का पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिल्ली-हावड़ा रेल रूट के सर्वाधिक व्यस्ततम रेलवे स्टेशनों में शुमार है. यहां आरपीएफ की टीम को क्राउड कंट्रोल करने के लिए ब्रीफ किया जा रहा है. इन जवानों में आरपीएफ और आरपीएसएफ के जवान तो शामिल हैं ही, साथ ही साथ यहां पर आरपीएफ की स्पेशल कमांडो टीम भी मौजूद हैं.
दरअसल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से होकर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों के श्रद्धालु प्रयागराज की तरफ रवाना होते हैं और स्नान कर इसी रास्ते से होकर अपने-अपने घरों को वापस जाते हैं. दूसरी तरफ जो श्रद्धालु प्रयागराज से संगम स्नान करने के बाद अयोध्या और वाराणसी आते हैं, वो लोग भी दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से ट्रेन पकड़ते हैं. ऐसे में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ होती है.
इसके साथ ही महाशिवरात्रि के दिन वाराणसी में बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने वालों को भी जबरदस्त भीड़ आती है. जिनमें बड़ी तादाद में श्रद्धालु ट्रेनों के माध्यम से वाराणसी पहुंचते हैं. इस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने आरपीएफ और जीआरपी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों को तैनात किया है. लेकिन महाशिवरात्रि के स्नान पर होने वाली भीड़ के मद्देनजर अब आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ आरपीएफ की कोरस कमांडो टीम भी मोर्चा संभालेगी. कोरस कमांडो टीम के जवान मानसिक और शारीरिक रूप से काफी फिट माने जाते हैं और इनको हर परिस्थिति का मुकाबला करने के लिए स्पेशल ट्रेनिंग दी गई होती है.
इस बारे में जेथिन बी. राज (वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त, पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल डिवीजन) ने कहा कि यह जो कुंभ जाने वाली भीड़ है वह बहुत डायनेमिक है. कभी-कभी बहुत ज्यादा भीड़ हो जाती है और कभी-कभी खाली रहता है, जैसा कि अभी है. लेकिन हम लोग मैक्सिमम कंटीन्जेंसी के लिए प्लान कर रहे हैं. आरपीएफ की कमांडो की एक टीम है जिसे कोरस कमांडो टीम कहा जाता है. हम इन लोगों को भी डिप्लॉय कर रहे हैं. क्योंकि, महाशिवरात्रि के दिन प्रयागराज और वाराणसी में ज्यादा भीड़ आने की संभावना है. इसके लिए हम लोग एडिशनल फोर्स डिप्लॉय कर रहे हैं.
सिर्फ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन ही नहीं बल्कि गया, डेहरी आन सोन, सासाराम सब जगह पर डिप्लॉयमेंट कर रहे हैं. इसमें बिहार प्रशासन और उत्तर प्रदेश प्रशासन से बहुत सपोर्ट मिल रहा है. यात्रियों से भी बहुत सहयोग मिल रहा है. उम्मीद है कि हम लोग सफलतापूर्वक क्राउड कंट्रोल कर लेंगे.
वहीं, आरपीएफ की कोरस कमांडो टीम के संदर्भ में जानकारी देते हुए जेथिन बी राज नें बताया कि यह कमांडो टीम मानसिक और शारीरिक रूप से काफी मजबूत होती है. हमारी जो आरपीएफ की टीम लगातार काम कर रही है. उनके सपोर्ट के लिए कमांडो टीम को बुलाया गया है. हम लोगों का फोकस है कि प्लेटफार्म पर और ट्रेन में, जितने भी बुजुर्ग लोग हैं, बच्चे लोग हैं, महिलाएं हैं, वह लोग बहुत थके हुए आ रहे हैं, उनकी अच्छे से मदद हो इसलिए इन सभी लोगों का डिप्लॉय किया जा रहा है. हम लोगों की प्राथमिकता यह है कि किसी भी तरह की कोई घटना ना हो. हमारी प्राथमिकता क्लियर है, किसी भी जवान को कोई भी डाउट्स नहीं है, सबको बताया गया है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है.