उत्तर प्रदेश में आज 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के नतीजे का दिन है. इस बीच, सपा सांसद राम गोपाल यादव ने विवादित बयान दे दिया है. उन्होंने यूपी उपचुनाव की तुलना बांग्लादेश की हिंसा से कर दी. राम गोपाल ने कहा, हमारे उपचुनाव में जैसी स्थिति देखी गई, वैसी ही स्थिति बांग्लादेश में देखी थी.
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वोट को जान से ज्यादा कीमती समझें. राम गोपाल ने कहा, लोकतंत्र में वोट से ज्यादा कीमती कुछ नहीं होता है. कोई आपका वोट छीनने की कोशिश करे तो वोट को जान से ज्यादा कीमती समझकर उसकी रक्षा करें. लोग सारे नियम-कानून तोड़ने लगे हैं.
'उनका इलाज जनता करती है'
उन्होंने तंज कसा और कहा, अब तो पुलिस भी वोट डाल रही है. इनका इलाज खाली जनता कर सकती है. जैसे हमारे उपचुनाव में स्थिति देखी, वैसी ही स्थिति बांग्लादेश में देखी थी. बांग्लादेश में लड़के सड़क पर आ गए थे. हमारे उपचुनाव में लोगों को पुलिस ने वोट नहीं डालने दिया. पुलिसवाले पिस्तौल लिए महिलाओं को धमका रहे थे.
क्या था उपचुनाव में?
दरअसल, यूपी के मुजफ्फरनगर जिले की मीरापुर सीट पर उपचुनाव में ककरोली गांव में वोटिंग के दौरान बवाल हो गया था. पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया था. इस दौरान एक गली में वोट डालने जा रही महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई थी. पुलिस फोर्स के साथ ककरौली थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव शर्मा हाथ में पिस्टल लिए खड़े थे.
इंस्पेक्टर को सम्मानित किया जाएगा
अब खबर है कि जिस पुलिस इंस्पेक्टर ने महिलाओं को पिस्तौल दिखाई थी, उसे सम्मानित किया जाएगा. ब्रह्म समर्पित ब्राह्मण महासभा द्वारा इंस्पेक्टर राजीव शर्मा को सम्मानित करने की घोषणा की गई है. ब्राह्मण महासभा का कहना है कि उग्र भीड़ को राजीव शर्मा ने रोकने का प्रयास किया. वरना बहुत बड़ी घटना घट सकती थी और महासभा जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर, एसएसपी और थाना अध्यक्ष राजीव शर्मा को सम्मानित करेगी.