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22 जनवरी को अयोध्या में भव्य राम मंदिर का उद्घाटन होने वाला है. उद्घाटन की तैयारी अब अंतिम चरण में है. इस बीच एक ओर जहां श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट लगातार तैयारी की जानकारी साझा कर रहा है, वहीं राम मंदिर के इस महायज्ञ में देश का हर राम भक्त अपनी आहुति अर्पित कर रहा है.
आने वाली 22 तारीख के मौके पर कई संत, महात्मा और जिन भक्तों ने राम मंदिर के लिए संघर्ष किया वो सभी अयोध्या पहुंचेंगे. न केवल 22 जनवरी को बल्कि 12 जनवरी से ही मेहमानों का अयोध्या जाने का सिलसिला शुरू हो जाएगा. राम नगरी में 11,000 से ज्यादा वीआईपी मेहमानों के स्वागत की तैयारी की जा रही है.
11,000 से ज्यादा VIP मेहमान, दिया जाएगा स्मृति चिह्न
12 जनवरी से अयोध्या पहुंच रहे मेहमानों को सनातन सेवा न्यास की तरफ से राम जन्मभूमि से जुड़ा स्मृति चिह्न दिया जाएगा. प्रभु राम से जुड़ा यह स्मृति चिन्ह बेहद खास होगा. इसको लेकर सनातन सेवा न्यास के संस्थापक और जगतगुरु भद्राचार्य के शिष्य शिव ओम मिश्रा बताते हैं कि अतिथि को सनातन धर्म में भगवान समझा जाता है. ऐसे में जितने भी मेहमान अयोध्या पहुंचेंगे उनके लिए प्रभु राम से जुड़ा स्मृति चिन्ह तैयार करवाया जा रहा है, जो उनको तोहफे में दी जाएगी. यह तोहफा प्रभु राम से जुड़ा होगा यानी इसमें प्रसाद से लेकर प्रभु रामलला का स्मृति चिन्ह दिया जाएगा.
खास होगा यह तोहफा
मेहमानों को दिए जाने वाले तोहफे की झलक दिखाते हुए शिव ओम मिश्रा बताते हैं कि उन्हें दो बॉक्स दिए जाएंगे, जिसमें से एक में प्रसाद होगा. यह प्रसाद गिर गाय के घी से बना हुआ है. जिसमें बेसन का लड्डू होगा. इसमें रामानंदी प्रथा के तहत लगाई जाने वाली भभूत भी होगी.
जो दूसरा बॉक्स होगा उसमें प्रभु राम से जुड़ा सामान होगा. राम मंदिर के शिलान्यास के वक्त जो मिट्टी मंदिर के गर्भ गृह से निकाली गई थी, वह मिट्टी एक डिब्बी में रखकर दी जाएगी. इसके साथ ही सरयू का पानी भी पैक करके स्मृति चिन्ह में दिया जाएगा. एक ब्रास कि थाली भी इस बॉक्स में मौजूद होगी. साथ ही राम मंदिर से जुड़ी स्मृति के तौर पर एक चांदी का सिक्का दिया जाएगा. इन दोनों बॉक्स को रखने के लिए एक जूट का बैग भी तैयार करवाया गया है, जिस पर राम मंदिर का इतिहास और उसके संघर्ष को दर्शाया गया है.
सनातन सेवा न्यास को इस काम का जिम्मा काफी समय पहले दे दिया गया था. इसकी तैयारी भी महीनों पहले से शुरू हो गई थी. क्योंकि 11,000 से ज्यादा बॉक्स तैयार करवाने हैं. कई जगह से इसके आर्डर बनकर अयोध्या पहुंच रहे हैं और जैसे-जैसे मेहमान अयोध्या पहुंचेंगे वैसे-वैसे उन्हें रामलाल स्मृति चिन्ह सौंपी जाएगी. इसके जरिए न केवल वो राम लला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर सकेंगे बल्कि प्रभु राम से जुड़ी चीज को अपने साथ स्मृति के तौर पर रख पाएंगे.