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अयोध्या में 22 जनवरी को प्रभु रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा में पीएम मोदी समेत गर्भगृह में कुल लगभग 10-11 लोग मौजूद रहेंगे. इस दौरान पीएम मोदी रामलला का षोडशोपचार पूजन करेंगे, जो लगभग 20 मिनट का होगा. षोडशोपचार पूजन और महापूजन को मिलाकर गर्भगृह में कुल पूजा का वक्त लगभग 40 मिनट का होगा.
'आज तक' से खास बातचीत में रामलला की मूर्ति की प्रतिष्ठा में आचार्यत्व की भूमिका निभाने वाले पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित के बेटे पंडित सुनील दीक्षित जो खुद भी पूजन में शामिल रहेंगे ने बताया कि कर्मकांड के दौरान गर्भगृह में 10 लोग रहेंगे. जिसमें मुख्य सहयोगी के रूप में 1-2 लोग रहेंगे.
इसके अलावा उनके पिता प. लक्ष्मीकांत दीक्षित जो आचार्यत्व करेंगे वे रहेंगे और सूक्ष्म मुहूर्त निकालने वाले पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविण रहेंगे. साथ ही साथ राम मंदिर ट्रस्ट के सभी ट्रस्टी और उनके द्वारा निश्चित लोग और पीएम मोदी मौजूद रहेंगे.
पूजन में पीएम मोदी की मुख्य भूमिका होगी
सुनील दीक्षित ने आगे बताया कि लगभग 10-11 लोग गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा पूजन में मौजूद रहेंगे. पीएम मोदी की मुख्य भूमिका होगी जो उत्सर्ग संकल्प लेकर देश को समर्पित करेंगे और फिर भगवान राम का षोडशोपचार पूजन करेंगे. इसके अलावा अन्य लोग सहयोग करेंगे या फिर दर्शन के लिए मौजूद रहेंगे.
ऐसे होगी पूजा
पूजन प्रक्रिया में सबसे पहले भगवान का ध्यान किया जाएगा, फिर उनको आसन के लिए पुष्प दिया जाएगा. इसके बाद रामलला का चरण धोकर उनको अर्घ्य देंगे. मुख में आचमनी जल भी देंगे. और फिर मधुपर्क देकर उनको स्नान कराएंगे.
षोडशोपचार पूजन 20 मिनट का होना है, जो पीएम मोदी करेंगे. बाकी पूजन पहले ही हो चुकी होगी. गर्भगृह में पूजन के समय के बारे में बात करते हुए सुनील दीक्षित ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा और महापूजन को मिलाकर देखें तो दोनों ही 40 मिनट में समाप्त हो जाएगा.
16 जनवरी से शुरू हो जाएगा प्राण प्रतिष्ठा समारोह
बता दें कि 7 दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह 16 जनवरी से शुरू होगा. 16 जनवरी को विष्णु पूजा एवं गौदान होगा. इसके बाद 17 जनवरी को रामलला की मूर्ति को नगर भ्रमण के लिए ले जाया जाएगा और राम मंदिर ले जाया जाएगा. 18 जनवरी भगवान गणेश का पूजन होगा. साथ ही वरुण देव पूजा और वास्तु पूजा भी होगी.
19 जनवरी को हवन अग्नि प्रज्वलित की जाएगी और हवन किया जाएगा. 20 जनवरी को वास्तु पूजा होगी. 21 जनवरी को राम लला की मूर्ति को पवित्र नदियों के पवित्र जल से स्नान कराया जाएगा. जबकि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा.
22 जनवरी को इस खास मुहूर्त में होगी प्राण प्रतिष्ठा
22 जनवरी को अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का अति सूक्ष्म मुहूर्त होगा, जिसमें रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी. काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने ये मुहूर्त चुना है. ये शुभ मुहूर्त का यह क्षण 84 सेकंड का मात्र होगा जो 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक होगा.