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8 दिन में बिकीं रामायण की 6000 प्रतियां, प्राण प्रतिष्ठा को लेकर यहां के लोगों में गजब का उत्साह

अयोध्या के राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होनी है. इसको लेकर कानपुर में ऐसा जोश देखा जा रहा है कि कानपुर के बनाना रोड पर स्थित गीता प्रेस से जनवरी के आठ दिनों में ही रामायण की 6 हजार से ज्यादा प्रतियां बिक गई और बुक डिपो में शार्टेज हो गई.

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लोगों में रामायण खरीदने की होड़.
लोगों में रामायण खरीदने की होड़.

22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है. इसको लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. आलम ये है कि लोगों में भगवान राम से जुड़ी चीजें खरीदने की होड़ लग गई है. खासकर रामायण खरीदने का ऐसा जोश देखा जा रहा है कि कानपुर गीता प्रेस में जनवरी के आठ दिनों में ही रामायण की 6 हजार से ज्यादा प्रतियां बिक गई और बुक डिपो में शार्टेज हो गई.

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दरअसल, जो लोग 22 जनवरी को अयोध्या नहीं पहुंच पा रहे हैं, वह अपने घर में ही भगवान राम की भक्ति में लीन रहना चाह रहें हैं. सायद, इसलिए गीता प्रेस के बुक डिपो में रामायण खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है. बुजुर्ग के साथ-साथ महिलाएं और युवा भी रामायण खरिद रहें हैं. ऐसे ही एक युवक का कहना है कि जिस साल ढांचा गिरा था, उसी साल उसका जन्म हुआ था. सालों बाद फिर से भगवान राम का जन्म होने जा रहा है, इसलिए वे रामायण खरीद रहे हैं.

सुंदरकांड और रामायण का करेंगे पाठ

गीता प्रेस की दुकान पर कई महिलाएं, डॉक्टर और इंजीनियर भी रामायण खरीद रहे थे. कई लोगों का कहना था कि वे अपने मंदिर और मोहल्ले में 22 जनवरी के दिन सुंदरकांड और रामायण का पाठ करेंगे. इस वजह से कई रामायण एक साथ ले रहे हैं. कानपुर में तो गीता प्रेस की कई दुकानें हैं, लेकिन बनाना रोड पर मुख्य बुक शॉप है.  

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गोविंद कश्यप ने कही ये बात

वहीं, गीता प्रेस दुकान के इंचार्ज गोविंद कश्यप ने बताया कि आजतक कभी ऐसी बिक्री रामायण की नहीं हुई थी. जब से राम जन्मभूमि में 22 तारीख को भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा की सूचना आई है हमारे यहां रामायण खरीदने की भीड़ बढ़ गई है. पूरे साल में जितनी रामायण बीकती थी, उससे कई गुणा सिर्फ आठ दिन में बिक गई है. करीब आठ दिन में 6 हजार से ज्यादा रामायण की किताबें बिक गई है. हमारे यहां रामायण की शार्टेज हो रही है. हम मांग पूरी नहीं कर पा रहे हैं.

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