कुछ समय पहले रामचरितमानस को लेकर काफी विवाद हुआ था और अब उसी रामचरितमानस के साथ जुड़कर लोग विश्व कीर्तिमान तक बना ले रहे हैं. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है वाराणसी के रहने वाला डॉक्टर जगदीश पिल्लई ने, जिनके नाम पहले से ही 5 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं. डॉक्टर पिल्लई ने रामचरितमानस को 138 घंटे 41 मिनट और 2 सेकंड में गाकर दुनिया के सबसे लंबे गाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. इस प्रकार श्री रामचरितमानस आधिकारिक तौर पर प्रसारित विश्व का सबसे लंबा गाना हो गया है और इसका नाम गिनीज़ बुक में दर्ज हो चुका है.
दुनिया भर के सौ से ज्यादा आधिकारिक ऑडियो चैनल में प्रसारित करके 5 साल बाद, पांचवीं बार फिर डॉ जगदीश पिल्लई का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ और वे उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा गिनीज़ रिकॉर्डधारी बन गए हैं. डॉक्टर जगदीश पिल्लई ने बताया कि इस बृहद कार्य को पूर्ण करने में कुल चार साल का समय लगा. पहले यह रिकॉर्ड (अमेरिका एवं ब्रिटेन) के नाम था.
गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा कृत श्री रामचरितमानस की पूरी पुस्तक को अलग तरीके से स्वयं की एक नई धुन में भजन एवं कीर्तन के साथ 138 घंटे 41 मिनट 02 सेकंड का गायन करके वह रिकॉर्ड तो बना ही चुके हैं और दुनिया भर के आधिकारिक म्यूजिक चैनल्स जैसे एप्पल म्यूजिक, स्पॉटीफाई, अमेज़ॉन म्यूजिक जैसे सौ से ज्यादा प्लेटफार्म में प्रसारित भी कर चुके है.
अब तक आधिकारिक तौर पर जारी किया गया सबसे लंबा गाना 115 घंटे 45 मिनट का था जो 1 दिसंबर 2021 को सेंट एल्बंस, हर्टफोर्डशायर, ब्रिटेन में रहने वाले मार्क क्रिस्टोफर ली और द पॉकेट गॉड्स के नाम था. उन लोगों ने एक ही तरह के इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक बजाकर इस रिकॉर्ड को हासिल किया था. मगर डॉ. जगदीश पिल्लई ने कई साल की कड़ी मेहनत एवं लगन से खुद की धुन तैयार की फिर गायन करके विश्व रिकॉर्ड बना दिया.
डॉ पिल्लई बताते हैं कि 2016 में ही यह देखा गया था कि आधिकारिक तौर पर प्रसारित दुनिया के सबसे लंबे गाने का रिकॉर्ड किसी अमेरिकन के पास है, मगर वो इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक में था. तब से इच्छा थी कि इस रिकॉर्ड को तोड़ना है क्योंकि जब भारत में रामायण, महाभारत जैसे बृहद ग्रंथ हैं तो ये रिकॉर्ड भी भारत के ही नाम होना चाहिए और खुद गायन के द्वारा इस रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश में लग गए. वर्ल्ड रिकॉर्ड धारक डॉक्टर जगदीश पिल्लई ने आगे बताया कि 20 मई, 2019 को गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के नियमों के आधार पर वीडियोग्राफी के साथ इसकी रिकॉर्डिंग शुरू हुई. कोविड महामारी की वजह से एक साल से ज्यादा रिकॉर्डिंग बंद रहा. उसके बाद फिर शुरू हुई रिकॉर्डिंग 2022 नवंबर में पूरी हुई. 138 घंटे 41 मिनट 02 सेकंड का गाना तैयार करने में रिकॉर्डिंग, एडिटिंग, मिक्सिंग सहित चार साल में 63 दिन और 295 घंटे का समय लगा.
उन्होंने बताया कि काशी का नाम पहली बार गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में 2012 में डॉ जगदीश पिल्लई के द्वारा ही दर्ज हुआ था. वाराणसी के डॉक्टर जगदीश पिल्लई पहले भी ये चार गिनीज़ रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं:
1. सबसे कम समय में एनीमेशन मूवी बनाकर 2012 में एक कैनेडियन का रिकॉर्ड तोड़ा था. कैनेडियन ने जो काम छः घंटे में किया था डॉ पिल्लई ने उसको साढ़े तीन घंटे में करके अपना नाम किया था.
2. भारत का झंडा एवं पोस्टकार्ड को लेकर 16300 पोस्टकार्ड से "लांगेस्ट लाइन ऑफ पोस्टकार्ड" चीन का रिकॉर्ड तोड़कर अपना नाम किया था.
3. "बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ" जनजागरूकता अभियान के तहत "लार्जेस्ट पोस्टर अवेयरनेस कैंपेन" करके तीसरी बार गिनीज़ रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ था.
4. "योगा जन जागरूकता" अभियान के तहर सबसे लंबा लिफाफा बनाकर चौथी बार अपना नाम गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज हुआ था.
अब वह 138 घंटे 41 मिनट 02 सेकंड के गाने को दुनियाभर के आधिकारिक ऑडियो चैनल में प्रसारित करके पांचवीं बार गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में काशी एवं देश का नाम रोशन करने में सफल हुए हैं.