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'आप ही लोग तो मरवाते हैं', आजम खान ने कसा तंज, पुलिस इंस्पेक्टर से मिला ये जवाब

UP News: समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान और पुलिस इंस्पेक्टर गजेंद्र त्यागी के छोटे से वार्तालाप का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोग अपने अपने हिसाब से इसका अंदाजा लगा रहे हैं कि आखिर आजम खान ने अचानक यह बात क्यों कही? 

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रामपुर अदालत पहुंचे आजम खान का पुलिस पर तंज.
रामपुर अदालत पहुंचे आजम खान का पुलिस पर तंज.

उत्तर प्रदेश में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों पर व्यंग्य और तंज कसने वाले आजम खान फिर सुर्खियों में हैं. इस बार समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता को एक पुलिस अधिकारी पर तंज कसते देखा गया. अब उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. 

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दरअसल, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान के जन्म प्रमाण पत्रों का एक मामला रामपुर की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में विचाराधीन है. इसी की सुनवाई के लिए आजम शुक्रवार को रामपुर कोर्ट पहुंचे थे. इस दौरान आजम खान ने जब देखा कि कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल लगा हुआ है, तो वह पुलिस पर तंस कसना नहीं भूले. आजम ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों पर व्यंग कसते हुए कहा, "आप ही लोग तो मरवाते हैं..."  इसके जवाब में मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर गजेंद्र त्यागी बोले, "अरे नहीं! हम कैसे मरवा देंगे."  देखें Video:-

आजम खान और इंस्पेक्टर गजेंद्र त्यागी के छोटे से वार्तालाप का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लोग अपने अपने हिसाब से इसका अंदाजा लगा रहे हैं कि आखिर आजम खान ने अचानक यह बात क्यों कही? 

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इसके पीछे की वजह लखनऊ कोर्ट के भीतर हुए गैंगस्टर संजीव उर्फ जीवा हत्याकांड को माना जा रहा है. इसके अलावा, प्रयागराज के अस्पताल परिसर में पुलिस अभिरक्षा में हुई माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या भी आजम की बयानबाजी का कारण है.  

सपा नेता आजम खान ने रामपुर में विधानसभा उपचुनाव के दौरान भी अतीक अशरफ हत्याकांड के मुद्दे को काफी जोरशोर से उठाया था. अब जीवा हत्याकांड के बाद भी उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार समाजवादी पार्टी के निशाने पर है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ कोर्ट में हुई हत्या को लेकर बीजेपी पर हमला बोला है. पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने कहा, ''जेल में हत्या, कोर्ट में हत्या, पुलिस कस्टडी में हत्या क्या ये लॉ एंड आर्डर है. पुलिस को ऐसा बनाने वाली अगर कोई है तो वह BJP है.'' 

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा है, लखनऊ में एक के बाद एक ऐसी हत्याएं हो रही हैं. यहां कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है. अगर राज्य सरकार खुद मानती है कि ऐसी हत्याएं ठीक हैं तो उन्हें कौन रोकने वाला है? यहां बहुत सारे 'असुर' हैं, 'असुर' वे हैं जो लोगों पर अत्याचार करते हैं..." 

कोर्ट परिसर में हुई थी जीवा की हत्या 

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बता दें कि गैंगस्टर मुख्तार अंसारी के गुर्गे संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा ((48 साल) की बीती 7 जून को लखनऊ अदालत परिसर के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.  जीवा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले का निवासी था. वह BJP विधायक कृष्णानंद राय और उत्तर प्रदेश में बीजेपी मंत्री ब्रह्म दत्त द्विवेदी की हत्या का आरोपी था. मृतक पर हत्या, धोखाधड़ी और आपराधिक षड़यंत्र के दो दर्जन मामले दर्ज थे. 

जीवा की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी का नाम विजय यादव है. जौनपुर जिला का रहने वाला आरोपी लखनऊ में प्लंबर का काम करता था. आरोपी के खिलाफ 2 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं. एक मामला एक नाबालिग लड़की का अपहरण करने और उससे दुष्कर्म से जुड़ा है. साल 2016 में दर्ज हुई FIR में विजय के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत भी आरोप हैं.  

 

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