यूपी के कानपुर से सपा विधायक इरफान सोलंकी की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं. कानपुर पुलिस को शासन से अनुमति मिल गई है और 24 तारीख से इरफान सोलंकी पर दर्ज केस का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगा. आरोप है कि इरफान और उनके साथियों ने नजीर फातिमा के प्लॉट पर कब्जा करने की मंशा से आग लगाई थी. इसके बाद उनके खिलाफ थाने में तहरीर दी गई थी.
3 साल से लेकर 10 साल तक सजा का प्रावधान
जानकारों की मानें तो हाईकोर्ट के प्रावधान के तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलने वाले मुकदमों में 6 महीने के भीतर फैसला आ जाना चाहिए. अगर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई और इरफान को सजा हुई, तो उनकी विधायकी 6 महीने में जाना तय होगा, क्योंकि इस केस में सजा का प्रावधान 3 साल से लेकर 10 साल तक का है. नियम है कि किसी विधायक को 2 साल के ऊपर सजा होती है, तो उसे विधायकी गंवानी पड़ती है.
पुलिस टीम का एक पैनल भी बना दिया गया
ज्वाइंट कमिश्नर आनंद प्रकाश तिवारी का कहना है कि इस केस में 6 महीने के अंदर फास्ट कोर्ट में ट्रायल पूरा होगा. इसके लिए पुलिस टीम का एक पैनल भी बना दिया गया है, जो समय रहते सभी साक्ष्य और गवाहों को कोर्ट में पेश करेगा. इसी के साथ इरफान सोलंकी को बीते दिनों एक और झटका लगा था, जब आधार कार्ड वाले मामले में हाईकोर्ट से उनकी बेल खारिज कर दी थी. अब 24 फरवरी को आधार कार्ड मामले में इरफान व अन्य के खिलाफ कोर्ट में आरोप तय होंगे.
इरफान सोलंकी की 100 करोड़ की बेनामी संपत्ति
उधर, कानपुर पुलिस ने इरफान व अन्य आरोपियों की संपत्ति को कुर्क करना शुरू कर दिया है. फिलहाल 25 करोड़ की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है. कानपुर पुलिस की माने तो डेढ़ सौ से 200 करोड़ की संपत्ति को अटैच किया जाना अभी बाकी है. सूत्रों की मानें तो कानपुर पुलिस को हाल में ही सिर्फ इरफान सोलंकी की 100 करोड़ की बेनामी संपत्ति की जानकारी मिली है. इस पर जल्द कार्रवाई शुरू हो सकती है.
जानिए क्या है पूरा मामला
जाजमऊ डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा का 6 नवंबर 2022 को प्लॉट में बने अस्थाई मकान में आग लग गई थी. फातिमा ने सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत अन्य के खिलाफ घर फूंकने का आरोप लगाते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
मामले की जांच कर रही पुलिस ने सपा विधायक और उनके भाई के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इसके साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई के लिए शासन में अपील की थी. ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शासन और जिला जज के पास से मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की सहमति मिल गई थी. अब मामले में 24 फरवरी को ट्रायल शुरू होगा, जो 6 महीने के अंदर खत्म होगा.