यूपी सरकार में मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एनकाउंटर को लेकर हो रही बयानबाजी के बीच समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. राजभर ने कहा कि जब निषाद, मुसलमान, जाट, गुर्जर, ब्राह्मण, राजपूत, अन्य पिछड़े वर्ग के लोग एनकाउंटर में मारे जाते है तब सपा मुखिया अखिलेश यादव की आवाज नहीं निकलती. आखिर, तब वो क्यों नहीं बोलते. सिर्फ एक जाति के अपराधी के एनकाउंटर पर आवाज उठाते हैं.
वहीं, सपा सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद के खिलाफ एक व्यक्ति के अपहरण के आरोप में दर्ज एफआईआर पर राजभर ने कहा- "हर मामले में समाजवादी पार्टी के नेताओं का नाम क्यों आ रहा है? अपराध सपा के नेता ही क्यों कर रहे हैं. ये लोग देश के दुश्मन हैं. ऐसे लोगों को जेल में होना चाहिए."
ओमप्रकाश राजभर ने फर्जी एनकाउंटर के आरोपों पर कहा कि यूपी पुलिस जाति देखकर नहीं बल्कि अपराधी देखकर कार्रवाई करती है. अपराधी की कोई जाति नहीं होती है. अपराधी सिर्फ अपराधी होता है.
बकौल राजभर- एनकाउंटर में 67 मुसलमान मारे गए, 20 ब्राह्मण मारे गए, 19 राजपूत मारे गए, 16 यादव मारे गए, 24 अति पिछड़ी जाति के लोग मारे गए और 26 अन्य लोग मारे गए. आखिर विपक्ष इन आंकड़ों पर चर्चा क्यों नहीं करता. अगर जाति ही गिना रहे हैं तो सबकी जाति क्यों नहीं बताते.
राजभर ने कहा कि अयोध्या-कन्नौज रेप कांड में सपा नेता, कुशीनगर में नकली नोट का रैकेट चलाने में सपा नेता, हर गलत काम में सपा नेता. ये लोग धरती पर देश और समाज के दुश्मन हैं. इनकी जमानत नहीं होनी चाहिए, तुरंत जेल भेजा जाए इनको.
गौरतलब है कि सुल्तानपुर डकैती कांड के आरोपी मंगेश यादव के एनकाउंटर के बाद से सपा मुखिया अखिलेश यादव सरकार और पुलिस पर हमलावर हैं. उन्होंने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए जाति विशेष के लोगों को मारने का आरोप लगाया है. इस आरोप पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने है.