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Sambhal Violence मामले में 10 और आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, अबतक 29 पिटीशन हो चुकी हैं रिजेक्ट, हाईकोर्ट का करेंगे रुख

संभल की शाही जामा मस्जिद में सर्वेक्षण के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में एक स्थानीय अदालत ने 10 और आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. इस तरह मामले में खारिज की गई जमानत याचिकाओं की कुल संख्या 29 हो गई है.

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संभल हिंसा केस
संभल हिंसा केस

Sambhal Violence News: पिछले साल नवंबर में संभल की शाही जामा मस्जिद में सर्वेक्षण के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में एक स्थानीय अदालत ने 10 और आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है. इस तरह मामले में खारिज की गई जमानत याचिकाओं की कुल संख्या 29 हो गई है. अधिकारियों ने बताया है कि अदालत बाकी याचिकाओं पर बाद की तारीखों में सुनवाई करेगी. 

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अतिरिक्त जिला सरकारी वकील हरिओम प्रकाश सैनी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय नारायण राय ने सोमवार को 10 जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है. सैनी ने कहा कि अदालत में वीडियो फुटेज समेत सबूत पेश किए गए, जिनका इस्तेमाल आरोपियों की पहचान के लिए किया गया. 

सैनीके मुताबिक, "अदालत को बताया गया कि हिंसा में चार निर्दोष लोगों की मौत हो गई. आरोपियों ने इलाके में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद पुलिस पर पत्थरों और आग्नेयास्त्रों से हमला किया. उनके कब्जे से गोलियों समेत कुछ हथियार बरामद किए गए." 

बता दें कि पिछले साल 19 नवंबर से ही संभल में तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जब अदालत ने मुगलकालीन जामा मस्जिद का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था. यह दावा किया गया था कि इस स्थल पर पहले हरिहर मंदिर था. 24 नवंबर को दूसरे सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी थी, जब प्रदर्शनकारी मस्जिद के पास एकत्र हुए और सुरक्षा बलों से भिड़ गए. झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. 

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सरकारी वकील हरिओम प्रकाश सैनी ने आगे बताया कि अब तक इस मामले में 87 जमानत याचिकाएं दायर की गई हैं. इनमें से 19 पहले खारिज कर दी गई थीं, जबकि सोमवार को 10 और खारिज कर दी गईं. इस तरह खारिज की गई याचिकाओं की कुल संख्या 29 हो गई है. 

संभल जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि शेष याचिकाओं पर अलग-अलग तारीखों पर सुनवाई होनी है. बचाव पक्ष के वकील जफर अली ने कहा कि आरोपी अब जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे. 

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