SDM ज्योति मौर्य केस में फंसे महोबा में तैनात होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे पर बड़ी कार्रवाई हुई है. डीजी होमगार्ड बी. के. मौर्य की सिफारिश पर मनीष दुबे को शासन ने सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया है. इतना ही नहीं दुबे के खिलाफ विभागीय जांच का भी आदेश दिया गया है.
दरअसल, बरेली में तैनात एसडीएम ज्योति मौर्य के पति आलोक मौर्य ने मनीष दुबे के खिलाफ कई आरोप लगाए थे. डीआईजी होमगार्ड प्रयागराज ने जांच मामले की जांच की थी. उनकी रिपोर्ट के बाद डीजी होमगार्ड ने दुबे को सस्पेंड करने की सिफारिश की थी.
विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए
2 महीने तक डीजी होमगार्ड की सिफारिश की फाइल दबी रही थी. इस मामले में कारागार मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बीते सप्ताह मनीष दुबे को सस्पेंड कर विभागीय कार्रवाई करने के आदेश दिए थे. मंत्री के आदेश के बाद महोबा के होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे को सस्पेंड किया गया है और विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं.
बता दें कि ज्योति मौर्य के पति आलोक मौर्य ने पत्नी और मनीष दुबे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप भी लगाया था. साथ ही कहा था कि पीसीएस अफसर बनने के बाद ज्योति ने गलत तरीके से करोड़ों की संपत्ति बनाई. हालांकि कोर्ट में केस चलने के दौरान ही आलोक ने पत्नी से समझौता कर लिया था.
बुरी तरह फंसे होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे
इस मामले में ज्योति मौर्य ने भी आलोक के खिलाफ धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी. उसे वापस लिए जाने को लेकर दोनों के बीच बातचीत चल रही है. पति पत्नी के बीच विवाद में महोबा में तैनात मनीष दुबे बुरी तरह फंस गए हैं.
2010 में आलोक से हुई थी ज्योति मौर्य की शादी
जानकारी के मुताबिक, ज्योति और आलोक की शादी साल 2010 में हुई थी. 2015 में ज्योति एसडीएम पद के लिए चयनित हुईं. ज्योति और आलोक की जुड़वा बेटियां भी हैं. हालांकि दोनों के बीच अभी न्यायालय में तलाक का मामला लंबित है. पति पत्नी के बीच विवाद के प्रकरण की आंच पूरे देश मे फैली थी. सोशल मीडिया में लोगों ने जमकर ट्रोल किया था.