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नोएडा में 26 अप्रैल तक धारा 144 लागू, रूल तोड़ने वालों पर होगा एक्शन, पुलिस ने बताया पूरा प्लान

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आगामी 26 अप्रैल तक के लिए धारा 144 लगा दी गई है. गौतमबुद्ध नगर पुलिस द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, सीआरपीसी की धारा 144 के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 26 अप्रैल यानी लोकसभा चुनाव के दिन तक प्रतिबंध लागू रहेंगे.

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नोएडा में धारा 144 लागू
नोएडा में धारा 144 लागू

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में आगामी 26 अप्रैल तक के लिए धारा 144 लगा दी गई है. गौतमबुद्ध नगर पुलिस द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, सीआरपीसी की धारा 144 के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 26 अप्रैल यानी लोकसभा चुनाव के दिन तक प्रतिबंध लागू रहेंगे. चैत्र नव रात्रि, ईद, अंबेडकर जयंती और रामनवमी जैसे आगामी त्योहारों के मद्देनजर भी ये प्रतिबंध लगाए गए हैं. चुनाव को देखते हुए कुछ विरोध प्रदर्शनों की भी आशंका है. 

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पुलिस ने बताया कि इन सबके मद्देनजर असामाजिक तत्वों द्वारा शांति भंग करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है. गौतमबुद्ध नगर में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी है कि किसी भी शरारती तत्व को ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने से रोका जाए.  

अतिरिक्त डीसीपी (कानून एवं व्यवस्था) हिरदेश ने कहा, "स्थिति की गंभीरता और तात्कालिकता को देखते हुए और समय की कमी के कारण, किसी अन्य पक्ष को सुनवाई का अवसर प्रदान करना संभव नहीं है. इसलिए यह आदेश एकपक्षीय रूप से पारित किया जा रहा है. सीआरपीसी की धारा 144 के तहत 3 से 26 अप्रैल तक प्रतिबंध जारी किया गया है."

आदेश के अनुसार, पांच या अधिक लोगों की गैरकानूनी सभा, राजनीतिक या धार्मिक सहित अनधिकृत जुलूस या प्रदर्शन निषिद्ध हैं. यह आदेश सरकारी प्रतिष्ठानों के 1 किमी के दायरे में निजी ड्रोन के उपयोग पर भी रोक लगाता है और लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर लाठी, रॉड, तलवार और बंदूक आदि ले जाने पर प्रतिबंध लगाता है. 

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पुलिस के आदेश में बताया गया कि धारा 144 के मद्देनजर सार्वजनिक स्थानों और सार्वजनिक मार्गों पर नमाज, पूजा या किसी भी प्रकार के धार्मिक जुलूस पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे. अपरिहार्य परिस्थितियों में, पुलिस आयुक्त, या अतिरिक्त पुलिस आयुक्त या संबंधित क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त से अनुमति लेनी होगी. 

इसके अलावा कोई भी व्यक्ति विवादित स्थलों पर जहां यह प्रथा प्रचलित नहीं है, वहां पूजा, नमाज पढ़ने का न तो प्रयास करेगा और न ही किसी को प्रेरित करेगा. इसके अलावा कोई भी व्यक्ति एक-दूसरे के धार्मिक ग्रंथों का अपमान नहीं करेगा. किसी भी प्रकार का धार्मिक झंडा, बैनर, पोस्टर नहीं लगाएगा.  

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