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श्रीकृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह मामले में अब 22 फरवरी को सुनवाई करेगा इलाहाबाद हाईकोर्ट

पिछले साल मई में हाईकोर्ट ने श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से संबंधित सभी 15 मामलों को अपने पास स्थानांतरित कर लिया था. गौरतलब है कि कुछ मामलों में आपत्तियां दाखिल की गई हैं. इस मामले में अब इलाहाबाद हाईकोर्ट 22 फरवरी को सुनवाई करेगा.

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श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामला हाईकोर्ट में विचारधीन है
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामला हाईकोर्ट में विचारधीन है

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद को हटाने की मांग करने वाले मुकदमे की विचारणीयता से संबंधित याचिका पर सुनवाई के लिए 22 फरवरी की तारीख तय की है. इस याचिका में दावा है कि यह मस्जिद कटरा केशव देव मंदिर की 13.37 एकड़ भूमि पर बनाई गई है.

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पीटीआई के मुताबिक आदेश पारित करते हुए न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन ने कहा कि मुकदमे की स्थिरता को चुनौती देने वाली याचिका पर आपत्ति 22 फरवरी से पहले दायर की जानी चाहिए. 17 जनवरी को कोर्ट ने मुकदमे की पोषणीयता को लेकर दायर मुस्लिम पक्ष की अर्जी पर हिंदू पक्ष को जवाब दाखिल करने का समय दिया था.

दरअसल, पिछले साल मई में हाईकोर्ट ने श्री कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से संबंधित सभी 15 मामलों को अपने पास स्थानांतरित कर लिया था. गौरतलब है कि कुछ मामलों में आपत्तियां दाखिल की गई हैं.

मंगलवार को दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा, "रिकॉर्ड के अवलोकन से पता चलता है कि सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश VII नियम 11 के तहत वादपत्र की अस्वीकृति के लिए आवेदन लंबित हैं. जिन मामलों में वादी ने अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं की हैं, वे 6 फरवरी, 2024 तक दाखिल कर सकते हैं. यह निर्देशित किया जाता है कि रजिस्ट्री में अपनी आपत्तियां जमा करने से पहले, आपत्ति की प्रति प्रतिवादियों के वकील को प्रदान की जा सकती है." 

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बता दें कि 17 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की एक प्रति हाई कोर्ट में दाखिल की गई, जिसमें श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से सटे मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण के संबंध में पिछले साल 14 दिसंबर के हाई कोर्ट के पहले के आदेश पर रोक लगा दी गई थी.

14 दिसंबर, 2023 को, हाईकोर्ट ने शाही ईदगाह परिसर के अदालत की निगरानी में सर्वेक्षण की अनुमति दी और मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण की निगरानी के लिए एक वकील आयुक्त की नियुक्ति पर सहमति व्यक्त की, जिसके बारे में याचिकाकर्ताओं का दावा है कि इसमें हिंदू होने का संकेत देने वाले संकेत हैं. एक बार मंदिर. मस्जिद प्रबंधन समिति ने उच्च न्यायालय के सर्वेक्षण आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के 14 दिसंबर के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी. हालांकि, शीर्ष अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि सीपीसी के आदेश 7 नियम 11 के तहत मुकदमे की स्थिरता सहित विवाद में उच्च न्यायालय के समक्ष कार्यवाही जारी रहेगी.

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