scorecardresearch
 

Video: शाहजहांपुर के रचित और कबूतर की दोस्ती बनी चर्चा का विषय, साये की तरह दोनों रहते हैं साथ

शाहजहांपुर के रचित और मगलू की दोस्ती इस वक्त चर्चा में है. रचित जहां भी जाता है मगलू उसके पास पहुंच जाता है. जो भी दोनों को एक साथ देख रहा है, वह हैरान हो जा रहा है.

Advertisement
X
शाहजहांपुर के रचित और कबूतर की दोस्ती बनी चर्चा का विषय
शाहजहांपुर के रचित और कबूतर की दोस्ती बनी चर्चा का विषय

उत्तर प्रदेश के अमेठी के आरिफ और सारस की दोस्ती  की कहानी तो आपने देखी और सुनी ही होगी. ठीक इसी तरह अब रचित और कबूतर की दोस्ती इस वक्त चर्चा में है. रचित का कबूतर उसके साथ रहता और खाता है. वहीं, जब रचित बाहर जाता है तो कबूतर भी साथ में चल देता है. दोनों की दोस्ती, जो कोई देख रहा है अजरच में पड़ जा रहा है. दोनों की दोस्ती का एक वीडियो भी आया है. जिसे देखकर आप भी अपना दिल दे बैठेंगे. 

Advertisement

रजित के साथ हर जगह चल देता है

 शाहजहांपुर में हदफ़ चौकी के रहने वाले रचित ने एक कबूतर पाल रखा है. जिसका नाम मगलू है. रचित ने बताया कि कबूतर जब छोटा था, तभी उसके मां-बाप मर गए थे. जिसके बाद मैंने उसे पाल-पोस कर बड़ा किया. ऐसे में वह मेरे पास ही सोता और जागता है. वहीं, जब मैं कहीं जाता हूं तो वह उड़कर साथ-साथ चलता है. मैं कहीं भी रहूं वह मुझे पहचान लेता है.

यह भी पढ़ें: सारस के बाद अब बाज से दोस्ती को लेकर चर्चा में आरिफ, पक्षी घर छोड़ने को नहीं तैयार

रचित के नहीं दिखने पर गुटर गू करता है

रचित ने बताया कि आलम यह है कि अगर मैं न दिखूं तो मगलू बेचैन हो जाता है और गुटर गू कर चिल्लाने लगता है. 24 घंटे वह मेरे पास ही रहता है. यहां तक की मोटरसाइकिल पर जब बाहर सैर करने निकलता हूं तो  बाइक से साथ-साथ उड़कर पास आ जाता है. 

Advertisement

रचित ने बताया कि मगलू की वजह से मैं इलाके में चर्चा में आ गया हूं. दोनों की दोस्ती की वजह से इलाके में सभी लोग जानने लगे हैं. वहीं, रजित के गांव में रहने वाले रजनीश  ने बताया कि रचित और मगलू की जोड़ी को हर कोई पहचानता है. रचित की पहचान भी मगलू के नाम से बनी हुई है. 

Live TV

Advertisement
Advertisement