उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की तहसील बिसवा में इन दिनों खूब बारिश हो रही है, जिसके कारण बिसवां-महमूदाबाद मार्ग पर सोमवार को सुबह 11 बजे रुसहड़ गांव के पास शारदा नहर फट गई. करीब तीन सौ मीटर की सड़क काटकर पानी उत्तर दिशा मे स्थित रूस हड़, सधुपुर, महरिया, हुसैनपुर, अकबापुर व अन्य गावों में तेजी से घुसने लगा और देखते ही देखते पानी ने करीब 50 गांवों को अपने आगोश में ले लिया. गांव की हजारों बीघा फसलें भी जलमग्न हो चुकी हैं. वहीं नहर का रौद्र रूप देखकर लोगों में दहशत का माहौल है.
सीतापुर के बिसवां इलाके में बनी करीब 6 फीट ऊंची सड़क धंस कर अलग हो गई है. शारदा सहायक नहर की बाईं पटरी फट जाने के चलते बहाव तेजी से गांव में पहुंच चुका है और हर तरफ तबाही मची हुई है. जल शक्ति विभाग के अंतर्गत आने वाला नहर विभाग, जो अभी तक अलर्ट नहीं था, घटना के बाद हरकत में आया और जेसीबी की मदद से अलग हुई सड़क को पाटा जा रहा है, जिससे नहर के पानी को गांव में जाने से रोक जा सके.
किसी के घर टूटे, किसी के बह गए आशियाने
शारदा कैनाल के फटने से पानी ने रौद्र रूप ले लिया है और कई घर तबाह हो चुके हैं. किसी के घर टूट गए हैं तो किसी के आशियाने बह गए हैं. गांव में मौजूद महिलाओं ने बताया कि एक दम से पानी आया सबने कहा भागो-भागो सब छोड़कर भागे वापस आए तो देखा सब खत्म हो चुका है.
नम आंखों से गांव वालों ने लगाई मदद की गुहार
गांव के कुछ हिस्सों से पानी निकल चुका है, लेकिन गीली मिट्टी भी परेशानी का सबब बनी है. फसलें तबाह हो गई है. वहां रहने वाली एक स्थानीय रहवासी राम कुमारी की झोपड़ी पानी की गति के साथ बह गई है और अब उनकी आंखें आंसुओं से नम हैं.
गांव वालों ने आज तक को बताया कि अगर नहर विभाग के अधिकारियों ने समय रहते बरसात में कटान का जायजा लिया होता तो शायद ऐसा नहीं होता. बरसात में अक्सर कटान कमजोर पड़ जाता है और इसका एक हिस्सा इतना कमजोर पड़ गया कि पानी ने पूरी की पूरी सड़क को ही बहा दिया, जिसकी वजह से पानी पूरे गांव में भर गया. वहीं गांव के बीच में बने सरकारी स्कूल की दीवार आधी टूट चुकी है और स्कूल में भी पानी भर चुका है.
हालांकि, इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का कहना है कि जानवरों द्वारा की गई खुदाई की वजह से नहर कटान की घटना हुई है. सीतापुर बिसवां के SDM ने आज तक को बताया कि कटान वाली जगह को दुरुस्त करने के लिए नहर विभाग की टीम जुटी है. सारे विभाग अपना काम कर रहे हैं और यह एक प्राकृतिक आपदा है. घटना के बाद प्रशासन ने ड्रोन से भी सर्वे कराया और फंसे हुए लोगों को स्टीमर और नाव की मदद से निकाला गया. स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को राहत शिविरों में पहुंचाया. देर रात मंडलायुक्त डॉ रौशन जैकब भी घटनास्थल पर पहुंचीं और वहां का जायजा लिया. वहीं देर रात तक जिलाधिकारी अभिषेक आनंद, एडीएम नीतीश सिंह व अन्य अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद थे.