scorecardresearch
 

UP: शायर मुनव्वर राणा के घर चोरी, 40 लाख रुपये के जेवरात ले गए चोर

मशहूर शायर मुनव्वर राणा (Munawwar Rana) के घर से 40 लाख रुपये की चोरी हुई है. वो लखनऊ के हुसैनगंज थाना क्षेत्र में एफआई ढींगरा अपार्टमेंट के फ्लैट में रहते हैं. इस समय उनकी तबीयत खराब है. इसकी वजह से वो पीजीआई (PGI) में एडमिट हैं और इलाज चल रहा है. आरोप है कि घर में रखी करीब 40 लाख रुपये की ज्वेलरी चोरों ने पार कर दी.

Advertisement
X
शायर मुनव्वर राणा की फाइल फोटो.
शायर मुनव्वर राणा की फाइल फोटो.

मशहूर शायर मुनव्वर राणा के घर से 40 लाख रुपये की चोरी हुई है. इसकी शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई गई है. चोरों ने वारदात को उस वक्त अंजाम दिया है, जब मुनव्वर हॉस्पिटल में एडमिट हैं. परिवार के लोग उनकी देखरेख के लिए हॉस्पिटल में हैं. इसी का फायदा उठाकर चोरों ने घर में सेंधमारी की.

Advertisement


जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के हुसैनगंज थाना क्षेत्र में शायर मुनव्वर राणा एफआई ढींगरा अपार्टमेंट के फ्लैट में रहते हैं. इस समय उनकी तबीयत खराब है. इसकी वजह से वो पीजीआई में एडमिट हैं और इलाज चल रहा है. 

चोरी हुई ज्वेलरी उनकी बेटी फौजिया की थी

आरोप है कि घर में रखी करीब 40 लाख रुपये की ज्वेलरी चोरों ने पार कर दी. इस मामले में शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और चोरों की तलाश कर रही है. चोरी हुई ज्वेलरी उनकी बेटी फौजिया की थी. उन्होंने इसे बैग में रखकर स्टोर रूम में रखा था.

चोरों की तलाश की जा रही- डीसीपी सेंट्रल जोन

इस मामले में डीसीपी सेंट्रल जोन अपर्णा रजत कौशिक का कहना है कि चोरी की शिकायत पर कंप्लेंट दर्ज कर ली गई है. सीसीटीवी फुटेज और लोगों से पूछताछ के आधार पर चोरों की तलाश की जा रही है.

Advertisement

काफी समय से चल रहे हैं बीमार

बता दें कि मुनव्वर राणा का स्वास्थ्य काफी समय से सही नहीं है. मई महीने में भी उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पिछले साल भी उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद उन्हें लखनऊ के एसजीपीजीआई (SGPGI) में एडमिट कराया गया था.

जानकारी के मुताबिक, शायर मुनव्वर राणा किडनी की परेशानी की वजह से डायलिसिस पर चल रहे हैं. इससे पहले उनका दिल्ली में भी इलाज हुआ था. वो प्रसिद्ध शायर और कवि हैं. उर्दू के अलावा हिंदी और अवधी भाषाओं में लिखते हैं.

उनको उर्दू साहित्य के लिए 2014 का साहित्य अकादमी पुरस्कार और 2012 में शहीद शोध संस्थान द्वारा माटी रतन सम्मान से सम्मानित किया गया था. हालांकि, उन्होंने लगभग एक साल बाद अकादमी पुरस्कार लौटा दिया था. साथ ही बढ़ती असहिष्णुता का हवाला देते हुए कभी भी सरकारी पुरस्कार स्वीकार नहीं करने की कसम खाई थी.

 

Advertisement
Advertisement