फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान (Azam Khan), उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को 7-7 साल जेल की सजा सुनाई गई है. रामपुर MP-MLA कोर्ट ने बीते दिन तीनों को दोषी करार देते हुए सजा ऐलान किया. आजम खान, और उनके परिवार को सजा सुनाए जाने के बाद सियासी प्रतिक्रियाएं भी आनी शुरु हो गईं.
एक तरफ जहां अखिलेश यादव ने आजम खान के समर्थन में बयान दिया है तो वहीं, अब शिवपाल सिंह यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर के अपनी बात रखी है. पोस्ट के जरिए शिवपाल ने आजम के इस मुश्किल वक्त में उनके साथ बने रहने के संदेश दिए हैं.
आजम खान की सजा पर सपा नेता शिवपाल यादव ने शायराना अंदाज में पोस्ट करते हुए X (पहले ट्विटर) पर लिखा- "आफताब छुप गया तो क्या गम, सुबहे नव जरूर आएगी. शर्त बस यही कि वक्त का थोड़ा इंतजार कीजिए." इसके साथ हैश टैग 'आजम खान' का प्रयोग किया गया. शिवपाल यादव के इस शायराने अंदाज को लेकर सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है.
'आजम खान से जेल में मिलने जाएंगे'
वहीं, आज बलिया में एक निजी कार्यक्रम में शिवपाल सिंह यादव ने आजम खान के जेल जाने के सवाल पर कहा कि निर्णय हुआ है लेकिन इंसाफ नहीं मिला है. कभी न कभी तो इंसाफ मिलेगा. भारतीय जनता पार्टी विपक्ष को ख़त्म करना चाहती है. विपक्ष के लोगों को झूठे केसों में फंसा कर जेल भेज थी है. उनका उत्पीड़न कर रही है. पिछड़े वर्ग के लोगों के ऊपर और खासकर मुसलमानों उत्पीड़न हो रहा है. पूरी समाजवादी पार्टी आजम खान के साथ है. जल्द ही आजम खान से जेल में मिलने जाएंगे.
गौरतलब है कि शिवपाल व आजम के बीच घनिष्ठ संबंध रहे हैं. दोनों ही नेता सपा के स्थापना के साथ ही पार्टी से जुडे़ रहे हैं. सपा सरकार में उन्होंने अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी भी निभाई है. ऐसे में अब आजम पर हो रहे कानूनी कार्रवाई को लेकर शिवपाल ने भावुक पोस्ट किया है.
अखिलेश बोले- 'मुसलमान होने की मिल रही सजा'
आजम की सजा पर बोलते हुए बीते दिन अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान मुसलमान हैं, इसलिए उनको इस तरह की सजा का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही अखिलेश ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा- "माननीय आजम खान जी और उनके परिवार को निशाना बनाकर समाज के एक पूरे हिस्से को डराने का जो खेल खेला जा रहा है, जनता वो देख भी रही है और समझ भी रही है. कुछ स्वार्थी लोग नहीं चाहते हैं कि शिक्षा-तालीम को बढ़ावा देने वाले लोग समाज में सक्रिय रहें. इस सियासी साजिश के खिलाफ इंसाफ के कई दरवाजे खुले हैं. जुल्म करने वाले याद रखें. नाइंसाफी के खिलाफ एक अदालत अवाम की भी होती है."
क्या है मामला?
बता दें कि रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम खान, उनकी पत्नी तंजीम फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को 2019 के फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में दोषी ठहराया है. तीनों को 7 साल की जेल की सजा सुनाई गई है.
आरोप के मुताबिक अब्दुल्ला आजम के पास दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र हैं. एक 28 जून 2012 को रामपुर नगर पालिका ने जारी किया गया है, जिसमें रामपुर को अब्दुल्ला के जन्मस्थान के रूप में दिखाया गया है. वहीं, दूसरा जन्म प्रमाण पत्र जनवरी 2015 में जारी किया गया है, जिसमें लखनऊ को उनका जन्मस्थान दिखाया गया है. इसको लेकर बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम के खिलाफ केस दायर किया था.