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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद यूसुफपुर कस्बे में शुक्रवार को दुकानें बंद रहीं. यह इलाका गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी का पैतृक स्थान है, जिनकी गुरुवार रात को दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी. वह बांदा जेल में बंद थे और तबीयत बिगड़ने के बाद गुरुवार की रात को जेल से अस्पताल ले जाया गया था. इलाज के दौरान अस्पताल में अंसारी की मौत हो गई.
अंसारी का शव अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक स्थान लाया जाएगा. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. लोगों को पांच बार के विधायक रहे मुख्तार के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे थे.
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काली बाग के कब्रिस्तान में खोदी गई कब्र
मुख्तार अंसारी को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए काली बाग में अंसारी परिवार के कब्रिस्तान में एक कब्र खोदी गई है. यह कब्र मुख्तार के पिता की कब्र के बगल में है. यह जानकारी सर्कल अधिकारी (सीओ) अतर सिंह और मोहम्मदाबाद पुलिस स्टेशन से जुड़े एक निरीक्षक पवन कुमार उपाध्याय ने दी. उन्होंने कहा कि अंसारी के परिवार के सदस्यों ने बताया है कि अंतिम संस्कार शनिवार सुबह किया जाएगा.
बांदा में हुआ मुख्तार का पोस्टमार्टम
दरअसल, अंसारी का पोस्टमार्टम यहां से करीब 400 किलोमीटर दूर बांदा में किया गया. उनके पार्थिव शरीर को ले जाने वाला काफिला गाजीपुर पहुंचने से पहले फतेहपुर, कौशांबी, प्रयागराज और वाराणसी जिलों से गुजरेगा. अंसारी के वकील नसीम हैदर ने कहा कि उम्मीद है कि शव देर रात तक गाजीपुर पहुंच जाएगा. लिहाजा, अगले दिन शनिवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा.
बेटे ने लगाया योजनाबद्ध तरीके से हत्या का आरोप
मुख्तार अंसारी के बेटे उमर ने बांदा के जिला मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि उनके पिता की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई थी. उसने मांग की है कि उनके पिता का पोस्टमार्टम दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में किया जाए. उमर अंसारी ने पत्र में लिखा, ‘हमें बांदा के प्रशासन और डॉक्टरों की टीम से न्याय मिलने का कोई भरोसा नहीं है.’
मुख्तार के आतंक के शिकार बोले- जैसी करनी, वैसी भरनी
मोहम्मदाबाद यूसुफपुर स्थित अंसारी के आवास पर सुबह से ही लोग जुटने लगे. लोहटिया के वार्ड नंबर 25 के पार्षद संजीव कुमार गिहार ने बताया कि किसी ने दुकानें बंद करने का आह्वान नहीं किया था. लोगों ने सहानुभूति के कारण दुकानें बंद रखीं. मैं खुद मुख्तार अंसारी का शिकार था. उन्होंने कहा- जैसी करनी वैसी भरनी. अंसारी के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों ने उनकी मृत्यु पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है, ‘जैसा बोओगे, वैसा काटोगे’ और ‘न्याय मिल गया है’.
भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं- बोले कृष्णानंद राय का भतीजे
मोहम्मदाबाद के भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की साल 2005 में हत्या कर दी गई थी. उनके भतीजे आनंद राय ने कहा कि भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं. यह भगवान का न्याय है. साल 2005 में कृष्णानंद राय की हत्या में अंसारी और उनके परिवार के सदस्यों को आरोपी बनाया गया था. मगर, मुख्तार अंसारी की दबंगई के चलते गवाह मुकर गए थे और उसे बरी कर दिया गया था.
कई जगहों पर धारा 144 लागू, की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
एक अधिकारी ने बताया कि मऊ में सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है. मऊ, गाजीपुर, बलिया और आस-पास के इलाकों में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी की गई है. भदोही से मिली खबर के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है क्योंकि अंसारी का शव इसी रास्ते से ले जाया जाएगा.
सर्किल अधिकारी (सीओ), यातायात भुवनेश्वर प्रसाद पांडे ने कहा कि शव ले जाने वाला काफिला राजमार्ग के किनारे घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरेगा. किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. गाजीपुर से सटे जिले बलिया में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि सभी प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है. अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद तिवारी ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारियों को क्षेत्र का भ्रमण करने को कहा गया है.