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'चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है', सहारनपुर में भजन गाते-गाते मंच पर गिरा सिंगर, थम गई सांसें

दरअसल, नवरात्रि पर सहारनपुर के मंदिर में आयोजित भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. हरीश मासटा जब 'चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है' भजन गा रहे थे, तभी वे पीछे की ओर गिर पड़े. साथी भजन गायकों ने जब उन्हें छूकर देखा, तो उनके हाथ-पैर ठंडे हो चुके थे. 

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मृतक भजन गायक हरीश मासटा
मृतक भजन गायक हरीश मासटा

यूपी के सहारनपुर में नवरात्रि के पावन दिनों में जब पूरा शहर माता रानी की भक्ति में डूबा था, तब श्री हरि मंदिर, आवास विकास कॉलोनी में भजन संध्या के दौरान एक झकझोर देने वाला मंजर देखने को मिला. दरअसल, यहां भजन मंडली के वरिष्ठ सदस्य हरीश मासटा (60) का भजन गाते-गाते निधन हो गया. 

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मंगलवार रात मंदिर में आयोजित भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. हरीश मासटा जब 'चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है' भजन गा रहे थे, तभी वे पीछे की ओर गिर पड़े. साथी भजन गायकों ने जब उन्हें छूकर देखा, तो उनके हाथ-पैर ठंडे हो चुके थे. 

परिजन और भजन मंडली के सदस्य तुरंत उन्हें दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. यह खबर सुनते ही स्थानीय लोगों और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों में कोहराम मच गया. किसी को समझ नहीं आ रहा था कि जो शख्स हंसते-खेलते भजन गा रहा था, वह अब उनके बीच नहीं है.  

आपको बता दें कि हरीश मासटा केवल भजन संध्या तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे रामकृष्ण मॉर्निंग परिवार और हैप्पी मॉर्निंग क्लब के भी सदस्य थे. वे प्रतिदिन कंपनी बाग में माता के भजन गाते और भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते थे. उनकी मधुर वाणी और भजनों की गूंज से श्रद्धालु भाव-विभोर हो जाते थे. उनके असामयिक निधन से भजन प्रेमियों में गहरा दुःख है. श्रद्धालु कहते हैं कि माता की भक्ति में लीन रहते हुए उन्होंने अंतिम सांस ली, यह स्वयं माता की कृपा का प्रमाण है. 

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जानकारी के मुताबिक, हरीश मासटा के परिवार में दो पुत्र और अन्य परिजन हैं. बुधवार को गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. उनके जाने से भजन मंडली और शहर के भक्तों में एक अपूरणीय क्षति हुई है. 

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