सीतापुर हत्याकांड में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं. पुलिस को मिली जानकारी में पता चला है कि कातिल अजीत ने पत्नी के खाते से 4 लाख रुपए निकाले थे. बताया जा रहा है कि इस रकम का इस्तेमाल हत्या में प्रयोग होने वाले हथियार को खरीदने और सुपारी देने में किया गया था.
इस नई जानकारी के सामने आने के बाद पुलिस अब कुछ अन्य लोगों की तलाश में है, जिन्होंने इस हत्याकांड में अजीत की मदद की थी. वहीं, कातिल अजीत की पत्नी की भी संदिग्ध भूमिका सामने आई है. दरअसल, पुलिस की जांच में पता चला है कि उसने देर रात अजीत से फोन पर बात की थी.
सिर्फ भाभी का करना था कत्ल, लेकिन...
बताते चलें कि सीतापुर के पाल्हापुर गांव में 11 और 12 मई की दरम्यानी रात एक घर में एक ही परिवार के छह लोगों की बेरहमी से हत्या की गई थी. मरने वालों में घर का मुखिया और उसकी पत्नी, मां और उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे शामिल थे. पुलिस की छानबीन में पता चला है कि कातिल अजीत पहले सिर्फ अपनी भाभी का कत्ल करना चाहता था.
मगर, कत्ल करने के दौरान उसकी मां जाग गई, तो अजीत ने अपनी मां की भी हत्या कर दी. जब उसने एक-एक कर दो कत्ल कर डाले, तो उसने सोचा कि तीसरे को भी क्यों छोड़ा जाए? इसके बाद उसने अपने भाई अनुराग सिंह की कनपटी पर गोली मार दी. कुछ आवाज सुनकर जब घर में सो रही अनुराग की 12 साल की बच्ची जाग गई. उसने अपनी आंखों से अपनी मां, दादी और पापा की लाश देखी और कातिल का चेहरा भी पहचान लिया था. फिर क्या था?
अनुराग के सिर में लगी दो गोलियों ने खोला राज
अजीत ने सबूत मिटाने के लिए इस बच्ची की भी गोली मारकर हत्या कर दी. फिर अनुराग के बचे दो बच्चों को छत से ले जाकर नीचे फेंक दिया और उनकी भी जान ले ली. बाद में अजीत ने इस पूरी वारदात के लिए अपने भाई अनुराग को जिम्मेदार ठहरा दिया था. हालांकि, अजीत ने जो गोली 12 साल की बच्ची को मारी थी, वह उसके गले से आर-पार होकर अनुराग के सिर में घुस गई थी. बस यहीं से कातिल अजीत का पूरा प्लान खुल गया.
वर्ना पुलिस ने भी पहली नजर में अजीत की बात को सही मान लिया था. मगर, जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अनुराग के सिर में दो गोली लगने की बात सामने आई, तो साफ हो गया कि पूरे परिवार की हत्या करने के बाद अनुराग ने सुसाइड नहीं किया था. अगर ऐसा होता, तो उसके सिर में दो गोलियां कैसे लग सकती थीं. इसके बाद की तफ्तीश में पुलिस ने अनुराग को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया. इस पूरे हत्याकांड में मुख्य वजह संपत्ति का बंटवारा था.