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UP: धीरे-धीरे जंगल के तरीकों को अपना रहा है आरिफ का सारस, अब खा रहा है कच्चा भोजन

यूपी के आरिफ और सारस की जोड़ी खूब चर्चा में रही थी. आरिफ खान गुर्जर ने घायल सारस की देखभाल की थी, जिसके बाद आरिफ के साथ ही सारस रहने लगा था. फिर विवाद के बाद सारस को कानपुर के चिड़ियाघर में पहुंचा दिया गया था. अब सारस वहां कच्चे अनाज, कीड़े, क्रस्टेशियन, पालक, जलकुंभी खाने लगा है.

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सारस की फाइल फोटो
सारस की फाइल फोटो

कानपुर चिड़ियाघर में सारस धीरे-धीरे जंगल के तौर-तरीकों को अपना रहा है. वह धीरे-धीरे पके भोजन की जगह कच्चे भोजन को खाने लगा है. चिड़ियाघर के निदेशक कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि सारस को मैगी, दाल, चावल और खिचड़ी जैसे पका हुआ खाना खाने की आदत को धीरे-धीरे बदला जा रहा है.

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उसे जंगली पक्षियों के लिए अधिक उपयुक्त कच्चा आहार खाने के लिए दिया जा रहा है. दरअसल, अमेठी जिले के मांडखा गांव के रहने वाले आरिफ खान गुर्जर ने घायल सारस की देखभाल की थी, जिसके बाद आरिफ के साथ ही सारस रहने लगा था.

सारस महीनों तक अमेठी के मांडखा गांव में आरिफ के साथ 'परिवार के सदस्य' की तरह रहा. इसी बीच अखिलेश यादव भी अमेठी पहुंचे और आरिफ-सारस से मिले थे. इसके बाद वन विभाग की टीम एक्टिव हुई और कार्रवाई शुरू हुई. 

सारस को कानपुर के चिड़ियाघर किया गया था शिफ्ट

फिर वन अधिकारियों ने आरिफ से सारस को लेकर रायबरेली के समसपुर पक्षी अभयारण्य में पहुंचा दिया. अधिकारियों ने कहा था कि ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि सारस अपने 'प्राकृतिक वातावरण' में रह सके. रायबरेली के बाद सारस को कानपुर के चिड़ियाघर में पहुंचा दिया गया था. 

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सारस खाने लगा है कीड़े, क्रस्टेशियन, पालक और जलकुंभी 

फिलहाल, सारस को कानपुर चिड़ियाघर अस्पताल के अंदर बाड़े में रखा गया है. चिड़ियाघर के निदेशक कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि चिड़ियाघर के अधिकारियों ने अब तक सारस को एक उपयुक्त आहार के अनुकूल बनाने में अस्सी प्रतिशत सफलता प्राप्त की है.

इसमें कच्चे अनाज, कीड़े, क्रस्टेशियन, पालक, जलकुंभी शामिल हैं. एक बार जब सारस की स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक हो जाएगा, तो उसे जंगल में वापस भेज दिया जाएगा.

क्या आरिफ को दे दिया जाएगा सारस

चिड़ियाघर के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि आरिफ के साथ सारस की अच्छी दोस्ती होने के कारण चिड़ियाघर के अधिकारियों ने उसे वापस करने पर विचार किया है. मगर, एक निर्णय आने का इंतजार है, क्योंकि इस कदम से दूसरे लोगों को जंगली जानवरों को अवैध रूप से पालने लगेंगे. ऐसे में सवाल है कि क्या सारस फिर से आरिफ को मिल सकता है. 

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