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यूपी के शामली में बदमाशों और पुलिस के बीच हुए एनकाउंटर में घायल STF के जांबाज इंस्पेक्टर सुनील कुमार की मौत हो गई. एनकाउंटर के दौरान उन्हें कई गोलियां लगी थीं. गुरुग्राम के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. मौत से जंग लड़ते हुए बीते दिन उन्होंने आखिरी सांस ली. सीएम योगी ने घटना पर दुख जताया है, साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. आइए जानते हैं शहीद इंस्पेक्टर सुनील की पूरी कहानी...
मालूम हो कि सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात शामली में एक लाख रुपये के इनामी अपराधी अरशद और उसके तीन साथियों को ढेर करने वाली STF टीम का इंस्पेक्टर सुनील हिस्सा थे. एनकाउंटर के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हुए थे. डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की बहुत कोशिश की लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
1971 में जन्मे सुनील कुमार मूल रूप से मेरठ के रहने वाले थे. 1990 में सुनील पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे. 2009 से वह एसटीएफ में सेवाएं दे रहे थे. इससे पहले सुनील लंबे समय तक पीएसी में रहे थे. सुनील कुमार मुख्य आरक्षी से प्लाटून कमाण्डर और दलनायक के पद पर प्रमोट होकर पहुंचे थे.
उन्होंने 1997 में कमांडों कोर्स मानेसर हरियाणा में किया फिर 2009 से स्पेशल टास्क फोर्स में नियुक्त हुए. सर्विस के दौरान उन्हें कई पदक मिले. जैसे- 2015 में सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह, 2022 में उत्कृष्ट सेवा सम्मान चिन्ह, 2024 में 'अति उत्कृष्ट सेवा पदक और प्रशंसा चिन्ह-रजत आदि.
कई एनकाउंटर में शामिल रहे
सुनील कुमार पहले भी कई बड़े अपराधियों से मोर्चा लेने वाली टीम में शामिल रहे हैं. 2008 में जब फतेहपुर जिले में इनामी बदमाश ओमप्रकाश केवट के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई थी तो उस टीम में सुनील भी थे. 2008 में ही 5 लाख रुपये के इनामी अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया के एनकाउंटर में भी सुनील की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी.
इसके अलावा मेरठ में कुख्यात सुशील उर्फ मूंछ, इनामी बदन सिंह उर्फ बद्दो व भूपेंद्र बाफर को गिरफ्तार कर जेल भेजने में महत्वपूर्ण योगदान रहा था. 2019 में कुख्यात व सक्रिय अपराधी आदेश बालियान निवासी जिसपर सवा लाख का इनाम घोषित था, को मुठभेड के दौरान मार गिराने में भी योगदान रहा था.
इसके बाद 2023 को मेरठ के थाना जानी क्षेत्र में एसटीएफ टीम के साथ हुई एक साहसिक मुठभेड़ के दौरान कुख्यात गैंगस्टर अनिल नागर उर्फ अनिल दुजाना को मार गिराये जाने में सुनील कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. 2024 में उन्होंने हासिम बाबा गैंग के शूटर और दिल्ली में डबल मर्डर की घटना में वांछित 50 हजार के इनामी कुख्यात अपराधी अनिल उर्फ सोनू मटका को भी एक साहसिक मुठभेड़ में मार गिराने में सफलता हासिल की थी.
शामली एनकाउंटर
आपको बता दें कि शामली जिले में सोमवार-मंगलवार की रात एसटीएफ मेरठ की मुकीम काला और कग्गा गैंग के सदस्यों से मुठभेड़ हुई. एक गांव के पास 30 मिनट तक जमकर गोलीबारी हुई. दोनों ओर से 40 राउंड से अधिक गोलियां चली, जिसमें चार बदमाश मारे गए. इस एनकाउंटर में एसटीएफ के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को चार गोलियां लग गई थीं. घायल हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया, जहां अगले दिन उनकी मौत हो गई.
वहीं, मारे गए बदमाशों में गैंग का प्रमुख सदस्य अरशद, मंजीत, सतीश और एक अज्ञात शामिल हैं. पुलिस को अरशद की काफी समय से तलाश थी, मगर वह हाथ नहीं आ रहा था. उसपर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं.