उत्तर प्रदेश के माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की जेल में हार्ट अटैक आने की वजह से मौत हो गई. अब उसके शव को पोस्टमार्टम के बाद गाजीपुर में पैतृक गांव लाया जाएगा जहां उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. मुख्तार अंसारी यूपी का पहला माफिया या गैंगस्टर नहीं है जिसकी जेल में रहते हुए मौत हुई है.
बागपत जेल में चाहे मुन्ना बजरंगी की हत्या हो या फिर जेल में ही बीमारी की वजह से मुनीर की मौत या फिर अंशू दीक्षित की मौत. मथुरा जेल में गैंगवार में मारा गया गैंगस्टर राजेश टोटा हो या फिर तिहाड़ जेल में रहने के दौरान ही दम तोड़ देने वाले बिहार के बाहबुली शहाबुद्दीन. ऐसे गैंगस्टर्स और अपराधियों की लंबी फेहरिस्त है जिन्होंने जेल में रहने के दौरान ही दुनिया छोड़ दी.
जेल में ही मुनीर ने तोड़ दिया था दम
एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या में दोषी ठहराए गए दुर्दांत अपराधी मुनीर की जेल में ही सजा काटने के दौरान मौत हो गई थी. सरकारी अफसर की हत्या के मामले में कोर्ट ने मुनीर को फांसी की सजा सुनाई थी. इसी दौरान 21 नवंबर 2022 को बीमारी की वजह से बीएचयू मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई थी.
जेल में ही मारा गया था मुन्ना बजरंगी
करीब 6 साल पहले गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में ही हत्या कर दी गई थी. उसकी हत्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर सुनील राठी ने कर दी थी. 14 मई 2021 को मुख्तार अंसारी के करीबी मेराज, माफिया मुकीम काला और अंशू दीक्षित की चित्रकूट जेल में गैंगवार के दौरान मौत हो गई थी. इसी तरह साल 2015 में मथुरा की जेल में बंद गैगस्टर रोजेश टोटा की गैंगवार में हत्या कर दी गई थी.
मेडिकल के लिए जाते वक्त अतीक और अशरफ की हत्या
यूपी के प्रयागराज में बीते साल 15 अप्रैल को माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वो मेडिकल जांच के लिए जा रहे थे. प्रयागराज के अस्पताल परिसर में ही दोनों को गोलियों से छलनी कर दिया गया था. उमेश पाल हत्याकांड के मामले में पुलिस ने दोनों को जेल से ही रिमांड पर लेकर आई थी.
तिहाड़ में शहाबुद्दीन की मौत
बिहार के सीवान से पूर्व सांसद और बाहुबली शहाबुद्दीन की भी जेल में रहने के दौरान ही मौत हो गई थी. साल 2021 में उन्हें तिहाड़ जेल में कोरोना हो गया था जिसके बाद पूर्व सांसद को दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय अस्पतााल में भर्ती कराया गया था. वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी.