प्रयागराज महाकुंभ में आतंकी हमले की साजिश रचने वाले खालिस्तानी आतंकी लजार मसीह के खिलाफ यूपी एटीएस ने और शिकंजा कस दिया है. एटीएस ने मसीह के खिलाफ यूएपीए की धारा बढ़ा दी है. बीते सात दिनों से एटीएस की रिमांड पर चल रहे बब्बर खालसा के इस सक्रिय सदस्य से गहन पूछताछ की गई. पूछताछ पूरी होने के बाद उसे दोबारा जेल भेज दिया गया.
अब पंजाब पुलिस लजार मसीह को अपनी कस्टडी में लेने की तैयारी कर रही है. इसके लिए जल्द ही अदालत से बी वारंट (प्रोडक्शन वारंट) हासिल किया जाएगा, ताकि आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जा सके.
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सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान मसीह ने बब्बर खालसा के कई अन्य आतंकियों और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के कई हैंडलर्स के बारे में अहम जानकारियां दी हैं. हालांकि, उसने महाकुंभ में आतंकी साजिश रचने के आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि वह सिर्फ यूपी में शरण लेने के लिए छिपा था.
पूछताछ में लजार मसीह ने बताया कि वह गाजियाबाद से अपना पासपोर्ट बनवाने की कोशिश कर रहा था. उसका मकसद भारत से भागकर पुर्तगाल में शरण लेना था, क्योंकि पंजाब पुलिस लगातार उसकी तलाश में लगी थी.
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पंजाब में पुलिस चौकियों पर हुए ग्रेनेड हमलों के बारे में पूछताछ में लजार मसीह ने स्वीकार किया कि इन हमलों में इस्तेमाल किए गए ग्रेनेड उसे रोहित मसीह और विशाल मसीह ने मुहैया कराए थे. एटीएस ने इस खुलासे को पंजाब पुलिस से साझा करने की तैयारी कर ली है.
अब पंजाब पुलिस इन जानकारियों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई को अंजाम देगी. लजार मसीह की गिरफ्तारी और पूछताछ से आतंकवाद से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को खालिस्तानी आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी.