उत्तर प्रदेश के बांदा कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों ने दुनिया के सामने ऐसा अनोखा कमाल किया है, जिसे देखकर हर कोई दंग रह गया है. छात्र अपनी मेहनत से बेकार लकड़ी से नए-नए उत्पाद बना रहे हैं, जिसका इस्तेमाल सिर्फ जलाने के लिए होता था. उत्पादों को आकार और मशीनरी सिस्टम को बेहतर बनाया जा रहा है और रोजमर्रा की चीजों को बनाकर बाजार में बेचा जा रहा है.
उत्पादों में महिलाओं से जुड़ी आभूषण सामग्री जैसे झुमके, नाक की अंगूठी, चाबी के छल्ले, हाथ में पहनने के लिए कंगन, हेयर बैंड और भी कई उत्पाद शामिल हैं. इसके अलावा लकड़ी का घर, कुल्हाड़ी, हथौड़ा, आरी, छेनी, पेन बॉक्स, मोबाइल बॉक्स समेत दर्जनों उत्पाद हैं.
दरअसल, बेकार लकड़ी से ऐसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं, जो किसी काम की नहीं होती. जैसे जड़ें या पेड़ों को काटने के बाद बची खराब लकड़ी. इसे बनाने वाले छात्रों और सुपरवाइजिंग प्रोफेसर ने बताया कि पेड़ों को काटने के बाद जो लकड़ी खराब होती है या जलाने लायक नहीं होती है, हम उसे अपनी लैब में लाते हैं. उसे आकार देते हैं और पेंटिंग आदि करके उसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं. फिर उसे बाजार में उचित दामों पर बेचते हैं.
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प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद नासिर ने बताया कि हमारे विश्वविद्यालय में कई कोर्स हैं, जिनमें से एक है एफपीयू यानी फॉरेस्ट प्रोडक्ट यूटिलाइजेशन, जिसमें छात्रों को वन उत्पादों का सही इस्तेमाल करना सिखाया जाता है. इसमें बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें उत्पाद बनाना भी सिखाया जाता है. ताकि बच्चे नौकरी कर सकें और ऐसा न करने की स्थिति में वे आत्मनिर्भर भी बन सकें. उन्होंने आगे बताया कि छात्र बांस, जंगली बबूल और खराब लकड़ी से अनोखे उत्पाद बना रहे हैं.
जैसे महिलाओं द्वारा रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली चीजें, लकड़ी के खिलौने, हैंगर, घर, कुल्हाड़ी, आरी, हथौड़े, बैठने की बेंच और कई अन्य उत्पाद. छात्र पेड़ों की जड़ें भी खोदकर लाते हैं, उन्हें अपने हिसाब से आकार देते हैं और उत्पाद बनाते हैं. ऐसा करने से लोगों के घरों से निकलने वाली खराब लकड़ियों का उपयोग होगा और कचरा कम होगा और सुंदरता बढ़ेगी. बेकार पड़ी लकड़ियों से हम घर पर बगीचा भी बना सकते हैं.
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर नासिर ने कहा, बांस की एक खासियत यह भी है कि यह हर तरह की जलवायु में आसानी से उगता है. भारत के कई हिस्सों से लेकर राजस्थान तक हर जगह आपको बांस मिल जाएगा. बांस से कई चीजें बनाई जा सकती हैं, जैसे टॉयलेट पेपर, बांस की फ्लोरिंग, बांस का टूथब्रश, बांस का धागा, कागज, बांस की चादरें, तौलिए, बोतलें, बांस के चारकोल बैग, टॉयलेटरीज़, बांस के कपड़े आदि, जो लोगों के काम आते हैं.