यूपी के मुरादाबाद में बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank Of Baroda) की आशियाना ब्रांच से हैरतंगेज मामला सामने आया. यहां एक लॉकर में काफी समय से 18 लाख रुपये रखे थे, जिसको दीमक खा गए. इसका खुलासा तब हुआ जब लॉकर में पैसे रखने वाली महिला ने उसका ताला खोला. ताला खोलते ही महिला के होश उड़ गए. क्योंकि दीमक ने सारे नोट खराब कर दिए थे. पीड़ित महिला ने इस बात की शिकायत ब्रांच मैनेजर से की. जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई. अब इस केस में बैंक के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर विशाल दीक्षित का बयान आया है. आइए जानते हैं उन्होंने क्या कहा...
क्या बोले लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर?
विशाल दीक्षित ने कहा कि अभी तक सिर्फ इतना ही पता लग पाया है महिला के काफी पैसे बैंक में रखे गए थे, जिनको दीमक चट कर गए. इस प्रकरण की जांच कराई जा रही है कि किन वजहों से नोटों में दीमक लगा. रही बात लाकर पॉलिसी की तो बैंक में आमतौर पर यही नियम है कि प्राकृतिक आपदा में ही मुआवजा दिया जाता हैं. यह एक एक्सीडेंटल घटना है. इस तरीके का कोई मामला मेरे संज्ञान अभी तक नहीं आया है. फिलहाल, बैंक के लेवल पर जांच जा रही है.
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, बैंक लॉकर में कैश, हथियार, खतरनाक पदार्थ जैसी चीजें नहीं रखा जा सकता. वहीं, गहने, दस्तावेज आदि रख सकते हैं. मुरादाबाद की महिला अल्का पाठक का दावा है कि उन्होंने बेटी की शादी के लिए बैंक के लॉकर में 18 लाख कैश रखे थे लेकिन वो सारे दीमक की भेंट चढ़ गए.
क्या था मामला?
अल्का पाठक के मुताबिक, बैंक ऑफ बड़ौदा की रामगंगा विहार शाखा में बेटी की शादी के लिए अक्टूबर 2022 में जेवर के साथ 18 लाख रुपये लॉकर में रखे थे. बीते सोमवार को जब वो चेक करने गई तो देखा सारे नोट दीमक खा गए. दरअसल, बैंक वालों ने उनको लॉकर एग्रीमेंट के रिन्यूवल और केवाईसी के लिए बुलाया था.
अल्का का कहना है कि उनका एक छोटा सा बिजनेस है. बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती हैं. सारी जमा-पूंजी लॉकर में रख दी थी. पहली बेटी की शादी का जो कैश, जेवर आदि था सब उसी में रखा था. अब दूसरी बेटी की शादी के लिए उसे निकालना था लेकिन उससे पहले ही ये घटना हो गई.
'नहीं पता था की लॉकर में नहीं रख सकते पैसे'
अकाउंट होल्डर अल्का पाठक ने बताया कि उन्हें पहले से यह बात नहीं पता थी कि लॉकर में कैश नहीं रख सकते हैं. उन्होंने खुद ही लॉकर में जेवर के साथ 18 लाख रुपये रखे थे. बीते सोमवार को जब केवाईसी करने के लिए बैंक बुलाया गया तब लॉकर खोला तो मामले का खुलासा हुआ.