
सुल्तानपुर लूट कांड के आरोपी मंगेश यादव का एनकाउंटर चर्चा के केंद्र में है. इस बीच यूपी पुलिस के बड़े अधिकारियों ने मंगेश एनकाउंटर को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें पुलिस ने साफ तौर पर कहा कि मंगेश यादव लूट के वक्त मौके पर मौजूद था और उसने तमंचा लहराते हुए धमकी भी दी थी. इसके साथ-साथ पुलिस ने उन अपराधियों के नाम भी बताए, जो अभी गिरफ्त से बाहर हैं.
फिलहाल, ये आरोपी फरार हैं- फुरकान उर्फ गुर्जर, अरबाज, अंकित यादव उर्फ शेखर, अजय उर्फ डीएम यादव और अनुज प्रताप सिंह.
अबतक कुल 8 बदमाश गिरफ्त में- तीन सितंबर को हुई मुठभेड़ में सचिन सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, त्रिभुवन को पकड़ा गया. तीनों के पैर में गोली लगी थी. वहीं, लूट कांड का मुख्य आरोपी विपिन सिंह रायबरेली जेल में एक पुराने मामले में सरेंडर कर बंद है.
इसके बाद 11 सितंबर को चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया. इनके नाम हैं- दुर्गेश प्रताप सिंह, विनय शुक्ला, अरविंद यादव और विवेक सिंह. इनके पास लूट का बड़ा हिस्सा बरामद किया गया.
किसके पास से, क्या बरामद हुआ?
पुलिस के अनुसार, 3 सितंबर को पुष्पेंद्र, सचिन और त्रिभुवन के पास से 1 ब्लैक सुपर स्प्लेंडर बाइक और 5-5 किलो चांदी के जेवर बरामद हुए हैं. इसके अलावा सचिन के पास से 12500 रुपये नगद, एक देसी तमंचा, दो जिंदा व दो खोखा कारतूस. वहीं, त्रिभुवन के पास से ₹12000 नगद, एक देसी तमंचा और कारतूस. जबकि, पुष्पेंद्र के पास से 14000 रुपये नगद तथा एक देसी तमंचा, 1 जिंदा व 2 खोखा कारतूस बरामद किया गया.
इसके बाद 11 सितंबर को पकड़े गए दुर्गेश सिंह, विनय सिंह, अरविंद यादव और विवेक सिंह के पास से पुलिस द्वारा बरामदगी में एक बोलेरो व प्रत्येक व्यक्ति के पास से जेवर मिले. इसमें दुर्गेश के पास से 259 ग्राम सोने के आभूषण, 1 तमंचा व 2 कारतूस. विनय शुक्ला के पास से 347 ग्राम सोने के आभूषण, 1 तमंचा, 2 कारतूस. अरविंद यादव उर्फ उर्फ फौजी के पास से 299 ग्राम सोने के आभूषण, 1 पिस्टल, 3 कारतूस. वहीं, विवेक सिंह के पास से 510 ग्राम सोने के आभूषण, 1 तमंचा, 2 कारतूस बरामद हुई.
पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों के पास से कुल सवा दो किलो सोना, 20 किलो चांदी बरामद की गई है. वारदात में इस्तेमाल गाड़ी और हथियार को भी जब्त किया गया है. वहीं, भरत जी सर्राफ जिनके यहां लूट हुई थी उन्होंने कहा कि वह पुलिस की कार्यशैली से खुश हैं. लूट का पूरा माल मिल गया है.
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लूट में शामिल था मंगेश यादव
बीते दिन सुल्तानपुर कांड में यूपी पुलिस ने वीडियो जारी किया था, जिसमें अपराधियों के नाम के नाम के साथ सीसीटीवी और तस्वीरें भी थीं. डीजीपी ने बताया कि अंकित, अरबाज, मंगेश यादव, अनुज प्रताप सिंह और फुरकान ने दुकान में घुसकर वारदात को अंजाम दिया था. उन्होंने बताया कि सबसे पहले दुकान के अंदर सफेद गमछा और सफेद शर्ट में अनुज प्रताप सिंह पहुंचा था. एनकाउंटर में मारा गया मंगेश हेलमेट पहनकर तीसरे नंबर पर घुसा था और पिस्तौल तानकर धमका रहा था.
इतना ही नहीं उसने दुकानन में मौजूद लोगों को हिलने-डुलने पर गोली मारने की धमकी भी दी थी. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि फुरकान नाम का आरोपी ब्लैक हेलमेट में पिस्टल लगाकर पहुंचा था और फिर अंकित यादव के साथ मिलकर डकैती का माल बैग में भर रहा था.
इस बीच मंगेश यादव एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों पर यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि पुलिस विभाग जाति या किसी अन्य फैक्टर को देखकर काम नहीं करता है. जिन लोगों को सुल्तानपुर की वारदात में संलिप्त बताया गया है, उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं. उन्होंने कहा कि मंगेश यादव भी सुल्तानपुर लूट में शामिल था. पुलिस के पास उसके शामिल होने के पुख्ता सबूत हैं. पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित है. डीजीपी ने सीसीटीवी दिखाकर दावा किया कि मंगेश खुद दुकान में घुसकर लूट कर रहा था.