माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. इस केस में पुलिस की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट में सामने आया है कि तीनों शूटर यानी लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण मौर्य 13 अप्रैल को ही इस वारदात को अंजाम देने वाले थे.दरअसल, उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद और अशरफ की पेशी के दौरान तीनों शूटर अतीक और अशरफ की हत्या करने वाले थे.
चार्जशीट में खुलासा किया गया है कि तीनों शूटरों ने अपने इस प्लान को कोर्ट रूम में वकीलों की भारी भीड़ और सुरक्षा को देखकर प्लान बदल दिया था. अतीक और अशरफ की हत्या करने वाले तीनों शूटर 3 दिन तक प्रयागराज में रुके रहे थे. और वह हर मूवमेंट की मीडियाकर्मी बनकर नजर रख रहे थे.
15 अप्रैल को मेडिकल कराने के लिए जब अतीक अहमद और अशरफ को लाया जाने वाला था, तो लवलेश तिवारी सबसे पहले कॉल्विन हॉस्पिटल पहुंचा था. जानकारी के मुताबिक वह रात 9:10 बजे ही कॉल्विन अस्पताल पहुंच गया था. इसके ठीक 12 मिनट बाद सनी सिंह और अरुण मौर्य केल्विन अस्पताल पहुंचे थे.
अतीक अहमद जब जीप से उतर रहा था, तब लवलेश तिवारी मीडियाकर्मी बनकर उसके पास पहुंचा. जबकि सनी सिंह और अरुण मौर्य अस्पताल में खड़े अन्य मीडियाकर्मियों से मेल जोलकर रहे थे. तभी मौका पाकर शूटरों ने अतीक और अशरफ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दिया था. घटना के अगले दिन शाहगंज थाने में लवलेश तिवारी, मोहित और अरुण कुमार मौर्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता धारा 302, 307 और आयुध अधिनियम की धारा 3,7, 25, 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल (शनिवार) की रात प्रयागराज में करीब साढ़े 10 बजे ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी. वारदात को उस दौरान अंजाम दिया गया, जब दोनों को प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया था. वारदात के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत तीनों हमलावरों को पकड़ लिया था. अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के तीनों आरोपी प्रयागराज के बाहर के रहने वाले हैं.