उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में खेत की रखवाली कर रहे किसान को बाघ जंगल में खींचकर ले गया. इसके बाद ग्रामीणों ने मुश्किल से बाघ के जबड़े से किसान को छुड़ाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. घटना को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. फिर शव को माधोटांडा-पीलीभीत सड़क पर रखकर हंगामा किया. इस दौरान सड़क पर कई घंटो जाम लगा रहा.
दरअसल, कलीनगर तहसील के गांव पुरैनी दीपनगर के रहने वाले स्वरूप सिंह उर्फ मट्टू शुक्रवार को घर के सामने खेत की रखवाली कर रहे थे. इसी समय पास के जंगल से बाघ निकल कर आया और मट्टू को जंगल में खींच कर ले गया. चीखने की आवाज पर आस-पास के किसान और ग्रामीण एकत्रित हो गए.
शव को सड़क पर रखकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
फिर जंगल के अंदर जाकर बाघ के जबड़े से शव को बाहर निकाला कर ले आए. घटना को लेकर वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया. शव को ट्रैक्टर ट्राली में रखकर माधोटांडा-पीलीभीत मार्ग पर ले जाकर प्रदर्शन किया. सूचना पर पहुंचे प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया.
दस लाख रुपये मुआवजा और बैंक लोन माफ करने की मांग
मगर, पीड़ित परिजन दस लाख रुपये मुआवजा और बैंक लोन माफ करने समेत कई मांगों पर अड़े रहे. इसके बाद अफसरों के लिखित आश्वासन देने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. वहीं, गांव के रहने वाले गोगी सरदार ने बताया कि हमारे एक साथी को आज बाघ खींचकर ले गया और मार दिया है. इस क्षेत्र में बाघ अब तक छह लोगों को अपना निवाला बन चुका है. मगर, वन विभाग इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी कुछ नहीं कर रहा है.
मामले में डीएफओ ने कही ये बात
पीलीभीत के डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि सूचना मिली है कि बाघ ने एक किसान पर हमला कर दिया और उसकी मौत हो गई है. हम मौके पर जाकर निगरानी कर रहे हैं. ताकि बाघ के हमलों से ग्रामीणों को बचाया जा सके.